माफी नहीं मांगते तो तबाह हो जाते 3 ठिकाने; यूक्रेन पर हमले की तैयारी में था ईरान, अब दी बड़ी चेतावनी
Iran Ukraine Tension: कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर हमले के बाद तनाव चरम पर है। तेहरान का दावा है कि वह यूक्रेन पर बड़े हमले के लिए तैयार था, लेकिन कीव की माफी के बाद ऑपरेशन टाला गया।
- Written By: अमन उपाध्याय
मोजतबा खामेनेई और वोलोडिमिर जेलेंस्की, AI मॉडिफाइड फोटो
Iran Ukraine War: कैस्पियन सागर में एक ईरानी कारोबारी जहाज पर हुए हालिया ड्रोन हमले ने तेहरान और कीव को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। इस घटना के बाद ईरान ने दावा किया है कि वह यूक्रेन के भीतर तीन रणनीतिक ठिकानों पर जवाबी हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर यूक्रेनी सरकार द्वारा मांगी गई ‘माफी’ के बाद इस सैन्य ऑपरेशन को रोक दिया गया।
ईरान-यूक्रेन में क्या था विवाद?
विवाद की शुरुआत 25 जुलाई को हुई, जब कैस्पियन सागर में ईरान के एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई थी। यूक्रेन का आधिकारिक तौर पर कहना है कि यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था और यह महज एक तकनीकी गलती थी।
हालांकि, ईरान इस सफाई को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। तेहरान का मानना है कि उसके पास ऐसे पुख्ता सबूत हैं जो बताते हैं कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियोजित थी।
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यूक्रेन के तीन ठिकानों को निशाना बनाने था ईरान
ईरान के सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और IRGC के पूर्व कमांडर मेजर जनरल मोहसन रेजाई ने सरकारी टेलीविजन को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि ईरानी सेना ने यूक्रेन के तीन ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली थी। रेजाई के अनुसार, कीव की ओर से यह स्पष्टीकरण आने के बाद कि हमला एक चूक थी, जवाबी कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया गया है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि तेहरान केवल बयानों से संतुष्ट नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ईरान अब यह देख रहा है कि यूक्रेन अपनी ‘गलती’ के दावे को साबित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
बघाई ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उन सार्वजनिक बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें उन्होंने कैस्पियन सागर के पास रूसी सैन्य ठिकानों पर लंबी दूरी के हमलों की बात कही थी। ईरान इसे हमले के इरादे के सबूत के तौर पर देख रहा है।
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आगे क्या होगा?
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने भी इस मामले पर यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा से बात की है। यूक्रेन ने भरोसा दिलाया है कि वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने नुकसान की भरपाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूक्रेन ने इस मामले में ठोस राजनयिक समाधान नहीं निकाला, तो यह विवाद एक नए युद्ध के मोर्चे में तब्दील हो सकता है।
