ईरान के सामने आखिरी मौका; ट्रंप का बड़ा अल्टीमेटम- परमाणु समझौते पर अब फैसला करो, वरना…
US Iran Nuclear Deal: ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान के पास परमाणु समझौते पर फैसला लेने और अमेरिकी हमलों से बचने का यह अंतिम मौका है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump On US Iran Nuclear Deal: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक निर्णायक बयान दिया है। ट्रंप ने सोमवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान किसी भी प्रकार के सैन्य हमले का सामना नहीं करना चाहता है।
उन्होंने तेहरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि परमाणु समझौते पर अंतिम निर्णय लिया जाए, क्योंकि एक ‘बेहतर दस्तावेज’ पर हस्ताक्षर करने का यह ईरान के पास आखिरी मौका है।
बातचीत की प्रक्रिया शुरू
राष्ट्रपति ट्रंप ने कूटनीतिक माध्यमों से मसले को सुलझाने के संकेत देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया अभी भी चल रही है और ईरान ने वार्ता से इनकार नहीं किया है।
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ट्रंप के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि अगले एक से दो दिनों के भीतर औपचारिक चर्चा शुरू हो सकती है। इस प्रस्तावित वार्ता का एक बड़ा उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खुलवाना है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
परमाणु मुद्दें पर क्या है सोच?
ट्रंप प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ईरान का परमाणु-निरस्त्रीकरण सुनिश्चित करना है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि वह एक ऐसे समझौते की ओर बढ़ना चाहते हैं जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन की सुरक्षा चिंताओं का स्थायी और ठोस समाधान निकाल सके। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ईरान संभावित अमेरिकी हमलों से बचना चाहता है, तो उसे इस समझौते की मेज पर आना ही होगा।
लंबे समय से जारी है तनाव
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से भारी सैन्य और राजनयिक तनाव बना हुआ है। इस अवधि में अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
हालांकि, अब दोनों पक्ष बातचीत के माध्यम से गतिरोध खत्म करने की दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने की इच्छा जताई है, जो शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
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विशेषज्ञ ट्रंप के इस बयान को तेहरान के लिए ‘अल्टीमेटम’ के तौर पर देख रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान इस ‘आखिरी मौके’ का लाभ उठाते हुए परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करेगा या पश्चिम एशिया में युद्ध का संकट और अधिक गहरा जाएगा।
