ईरान की ट्रंप को 'प्री-एम्प्टिव अटैक' की धमकी (सोर्स- AI डिज़ाइन)
Iran US Conflict Oil Supply 2026: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है जहां तेहरान ने वाशिंगटन को ‘प्री-एम्प्टिव अटैक’ यानी पूर्व-नियोजित हमले की सीधी चेतावनी दी है। ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने स्पष्ट किया है कि अगर अमेरिका ने उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप जारी रखा या सैन्य कार्रवाई की धमकी दी, तो ईरान बचाव के बजाय पहले हमला करने की रणनीति अपनाएगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में दिए गए बयानों के बाद ईरान का यह आक्रामक रुख वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह संघर्ष बढ़ता है, तो इसका सबसे गंभीर असर विश्व की ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर पड़ेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का दमन नहीं रुका, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए हस्तक्षेप करेगा। ईरान की सेना ने इस बयान को अपनी संप्रभुता के लिए सीधा खतरा माना है और डिफेंसिव मोड से निकलकर ऑफेंसिव मोड में आने का फैसला किया है। ईरानी जनरल ने कहा कि उनके खिलाफ की जा रही बयानबाजी का जवाब अब शब्दों के बजाय केवल सैन्य शक्ति से ही दिया जाएगा।
‘प्री-एम्प्टिव अटैक‘ का सरल अर्थ है कि दुश्मन के हमले का इंतजार करने के बजाय उसे रोकने के लिए पहले ही उस पर प्रहार कर देना। यह एक सैन्य सिद्धांत है जिसे आत्मरक्षा का एक रूप माना जाता है, जहां कोई देश अपने विनाश को रोकने के लिए पूर्व-नियोजित सैन्य कार्रवाई करता है। ईरान का तर्क है कि अगर अमेरिका या इजरायल से कोई वास्तविक खतरा दिखता है, तो वे अपनी रक्षा के लिए पहले हमला करने का अधिकार रखते हैं।
ईरान की इस चेतावनी का सबसे भयावह पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी है, जो वैश्विक तेल व्यापार का मुख्य केंद्र है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल दुनिया भर के बाजारों में भेजा जाता है। अगर ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो जाएगी और पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।
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एक तरफ ईरान बाहरी मोर्चे पर युद्ध की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ उसे घरेलू स्तर पर बढ़ती महंगाई और प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। रियाल मुद्रा के पतन और बढ़ती कीमतों के कारण आम जनता में भारी आक्रोश है, जिसे शांत करने के लिए सरकार ने राशन और बुनियादी चीजों पर सब्सिडी देना शुरू किया है। ईरान की सरकार के लिए यह दोहरा संकट है जहां उसे अपनी सत्ता बचाने के साथ-साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा भी करनी है।
Ans: इसका मतलब है कि दुश्मन द्वारा किए जाने वाले संभावित हमले को रोकने या उसे कमजोर करने के लिए पहले ही उस पर हमला कर देना, जिसे सैन्य भाषा में आत्मरक्षा का एक रूप माना जाता है।
Ans: यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है जिससे प्रतिदिन लगभग 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। इसे बंद करने का मतलब वैश्विक आर्थिक मंदी को न्यौता देना है।
Ans: ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरानी सरकार अपने देश के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या करना बंद नहीं करती है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा।
Ans: ईरान की मुद्रा रियाल का भारी पतन हुआ है और मांस, चावल व तेल जैसी बुनियादी वस्तुओं की कीमतें तीन गुना तक बढ़ गई हैं, जिसके कारण वहां व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।