हमास चीफ इस्माइल हानिया को तेहरान में कैसे बनाया गया निशाना, इरान ने बताया
हमास चीफ इस्माइल हानिया की मौत तेहरान में कैसे हुआ, इसके बारे में ईरान ने खुद ही दास्तां बयां की है। साथ ही ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड हानिया की मौत का बदला लेने की बात को दोहराई। उसने अमेरिका पर इस हमले में इसराइल का समर्थन करने का आरोप भी लगाया।
- Written By: साक्षी सिंह
इस्माइल हानिया (फाइल फोटो)
तेहरान: इरान ने बताया कि इस्माइल हानिया की तेहरान में मौत कैसे हुई है। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार को कहा कि इजराइल ने छोटी दूरी के रॉकेट से हमास नेता इस्माइल हनिया को निशाना बनाया। उसने अमेरिका पर इस हमले में इसराइल का समर्थन करने का आरोप भी लगाया। सरकारी चैनल पर प्रसारित बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हनिया की मौत का बदला लेने का आह्वान दोहराया।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि बुधवार को राजधानी तेहरान में हमास के राजनीतिक प्रमुख हनिया के आवास को निशाना बनाने के लिए सात किलोग्राम के हथियार से लैस रॉकेट का सहारा लिया गया।
ये भी पढ़ें:-गाजा में इसराइली सेना ने मचाई तबाही, स्कूल पर किया हमला, 15 फिलिस्तीनियों की मौत
सम्बंधित ख़बरें
Arms Sales: ट्रंप प्रशासन की मनमानी? बिना संसद की मंजूरी पश्चिम एशिया के चार देशों को मिलेंगे अरबों के हथियार
Trump Cards Post: “आई हैव ऑल कार्ड” ईरान से तनाव के बीच ट्रंप ने ताश की तस्वीर पोस्ट कर दी बड़ी चेतावनी
Iran Nuclear Weapons: ट्रंप की सख्त चेतावनी! NATO न दें ईरान को परमाणु हथियार, पलक झपकते ही मचेगी तबाही
Israel UAE: ईरान को गिरने की तैयारी! इजरायल ने UAE में तैनात किए घातक लेजर हथियार और सैन्य दस्ता
जायोनी शासन ने हमले की योजना बनाई
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हमले से बड़े पैमाने पर तबाही मचने का दावा किया। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि तेहरान में हनिया का आवास कहां था। हनिया ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए ईरान में था। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि जायोनी शासन ने हमले की योजना बनाई और इसे अंजाम तक पहुंचाया। इस काम में अमेरिका ने उसका साथ दिया। उसने धमकी दी कि युद्धोन्मादी और आतंकवादी जायोनी शासन को उचित समय, स्थान और पैमाने पर कठोर सजा मिलेगी।
ईरान ने इसराइल पर बनाया था निशाना
इसराइल ने हनिया की हत्या में न तो अपनी भूमिका होने से इनकार किया है, न ही इसे स्वीकार किया है। हालांकि, उसने पिछले साल सात अक्टूबर को उसके दक्षिणी क्षेत्र में हुए अप्रत्याशित हमले के बाद हनिया और अन्य हमास नेताओं को मार गिराने का संकल्प लिया था। हनिया की हत्या से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संघर्ष छिड़ने और तेहरान के जवाबी कार्रवाई करने की सूरत में इसराइल और ईरान के सीधी लड़ाई में उलझने की आशंका बढ़ गई है। अप्रैल में ईरान ने इसराइल को सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की थी।
ईरान किसका समर्थन करता है
इरान की हमले की काेशिश को इसराइल ने इनमें से 99 फीसदी हमलों को नाकाम करने का दावा किया था। ईरान इसराइल को मान्यता नहीं देता है। वह इसराइल विरोधी उग्रवादी समूहों-फलस्तीन के हमास और लेबनाना के हिजबुल्लाह का समर्थन करता है।
ये भी पढ़ें:-प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना वार्ता निमंत्रण किया अस्वीकार, बांग्लादेश में प्रदर्शन के फिर से उग्र होने के आसार
