अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने दागी सय्याद-3 जी मिसाइल, खतरे में US युद्धपोत, अब क्या करेंगे ट्रंप?
US-Iran Tensions: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सय्याद-3 जी मिसाइल का परीक्षण किया, जिससे अमेरिकी और ईरानी तनाव में इजाफा हुआ और ईरान की समुद्री रक्षा क्षमता को मजबूती मिली।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान ने सय्याद-3 जी मिसाइल का परीक्षण किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Tests Sayyad-3G Missile: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने सय्याद-3 जी मिसाइल का परीक्षण कर दुनिया भर में हलचल मचा दी है। इस परीक्षण को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी ने “स्मार्ट कंट्रोल ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज” अभ्यास के तहत किया। सय्याद-3 जी मिसाइल को शहीद सय्याद शिराजी युद्धपोत से लॉन्च किया गया, जो शहीद सोलेमानी-क्लास का तीसरा जहाज है।
यह जहाज जनरल कासिम सोलेमानी के नाम पर है, जिनकी 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में हत्या कर दी गई थी। यह मिसाइल, सय्याद-3 का नौसैनिक संस्करण है, और इसमें वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) होता है, जिससे यह अधिक प्रभावी और त्वरित तरीके से लॉन्च हो सकती है।
सय्याद-3 जी मिसाइल की खासियत?
सय्याद-3 जी मिसाइल की रेंज लगभग 150 किलोमीटर है, जो इसे हवा से हवा में लक्ष्य करने के लिए अत्यधिक सक्षम बनाती है। यह फाइटर जेट्स, ड्रोन्स, पेट्रोल एयरक्राफ्ट और कुछ क्रूज मिसाइलों को स्वतंत्र रूप से डिटेक्ट और नष्ट कर सकती है। शहीद सय्याद शिराजी जहाज पर छह VLS साइलो होते हैं, जो इसे एक मोबाइल एयर डिफेंस हब बना देते हैं। इन साइलो के जरिए जहाज के चारों ओर 150 किलोमीटर का एयर डिफेंस बबल बनता है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में ईरान की समुद्री रक्षा को मजबूत करता है।
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Iran launch long-range new Sayyad missile in Strait of Hormuz to defend Soleimani-class warships named after General assassinated by Trump ‘System independently detects & destroys jets’ as Tehran warn ‘single shot at country met with massive response targeting US assets’ https://t.co/k7rZg0XPiX pic.twitter.com/04oOgOVmur — RT (@RT_com) February 22, 2026
यह मिसाइल परीक्षण एक ऐसे समय पर किया गया है जब अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। ईरान ने इस दौरान अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके क्षेत्र पर कोई भी हमला हुआ या गोलीबारी की गई, तो वह अमेरिकी संपत्तियों और हितों पर निर्णायक और तीव्र प्रतिक्रिया करेगा। IRGC अधिकारियों ने बताया कि यह मिसाइल शहीद सोलेमानी-क्लास जहाजों के लिए एक मजबूत क्षेत्रीय एयर डिफेंस प्रणाली प्रदान करती है, जो ईरान की समुद्री रणनीति में एक नया मोड़ है।
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ईरान की सैन्य क्षमता में इजाफा
इस परीक्षण से ईरान की सैन्य क्षमता में इजाफा हुआ है, खासकर जब अमेरिका क्षेत्र में सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। यह ईरान को अपने समुद्री मार्गों पर अधिक प्रभावी नियंत्रण देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो विश्व के तेल व्यापार के लिए एक अहम रास्ता है, पर ईरान की सैन्य प्रभावशीलता अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है। अब, ईरान की नौसेना और भी ज्यादा बहुमुखी और रक्षात्मक बन चुकी है, और इस मिसाइल परीक्षण के साथ उसकी सैन्य ताकत को एक नया विस्तार मिला है।
Frequently Asked Questions
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Que: सय्याद-3 जी मिसाइल की विशेषताएं क्या हैं?
Ans: सय्याद-3 जी मिसाइल की रेंज 150 किलोमीटर है, और यह फाइटर जेट्स, ड्रोन, एयरक्राफ्ट तथा क्रूज मिसाइलों को स्वतः डिटेक्ट और नष्ट कर सकती है। यह वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) से लॉन्च होती है, जिससे उच्चतम प्रभावशीलता मिलती है।
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Que: ईरान ने इस मिसाइल परीक्षण का निर्णय क्यों लिया?
Ans: ईरान ने यह मिसाइल परीक्षण बढ़ते अमेरिकी दबाव और क्षेत्रीय तनाव के बीच अपनी समुद्री रक्षा क्षमता को बढ़ाने और अमेरिका को कड़ी चेतावनी देने के उद्देश्य से किया। यह परीक्षण होर्मुज जलडमरूमध्य में हुआ था।
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Que: सय्याद-3 जी मिसाइल से ईरान को क्या फायदा होगा?
Ans: इस मिसाइल के परीक्षण से ईरान की नौसेना की रक्षा क्षमता में सुधार हुआ है, जो उसे होर्मुज जलडमरूमध्य और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर अपने प्रभाव को मजबूत करने में मदद करेगा। यह अमेरिका के साथ तनाव के बीच महत्वपूर्ण है।
