कुवैत से बहरीन तक तबाही! ईरान का अमेरिकी बेस पर भीषण हमला, 8 सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से किया राख
Iran Retaliatory Strike US Bases: ईरान की सेना IRGC ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से तबाह कर दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान ने अमेरिकी बेस पर किया हमला, फोटो- नवभारत डिजाइन
Iran Retaliatory Strike US Bases Kuwait Bahrain: ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने रविवार को यह दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिका के आठ प्रमुख सैन्य ठिकानों पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा उसकी पांच तटीय चौकियों पर किए गए हमलों का ‘निर्णायक जवाब’ है। इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में महायुद्ध की आहट तेज हो गई है।
रात के अंधेरे में हुआ भीषण हमला
IRGC के मुताबिक, यह बड़ा सैन्य ऑपरेशन रविवार रात करीब 2:00 बजे से 3:00 बजे के बीच अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन में ईरान की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त रूप से हमला किया।
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ईरान ने विशेष रूप से कुवैत में स्थित अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में मौजूद अमेरिका के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को अपना मुख्य निशाना बनाया। बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन के जरिए किए गए इन हमलों में ठिकानों को भारी क्षति पहुंचने का दावा किया गया है।
क्यों भड़का ईरान?
ईरान ने इस हमले को जवाबी कार्रवाई बताया है। उसका कहना है कि अमेरिकी सेना ने पहले ईरान की सीमा में मौजूद 5 तटीय चौकियों पर हमला किया था। अमेरिका ने इन हमलों के लिए एक ‘संदिग्ध जहाज’ को रोकने की कार्रवाई का बहाना बनाया था।
ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार उस सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है जिसकी घोषणा खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अब तक अमेरिकी आक्रामकता के जवाब में 100 से अधिक बार जवाबी कार्रवाई की है।
होर्मुज पर नियंत्रण का दावा
IRGC ने साफ चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली सभी शिपिंग और सुरक्षा की जिम्मेदारी अब केवल ईरान की है। यह कदम पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए एक हालिया समझौते के तहत उठाया गया है, जो ईरान और अमेरिका के बीच हुआ था।
ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि अगर कोई भी जहाज नियमों का उल्लंघन करेगा, तो उससे भविष्य में और भी कठोरता से निपटा जाएगा। यह विवाद शुक्रवार को उस समय शुरू हुआ था जब ईरान की नौसेना ने एक व्यापारिक जहाज पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की थी।
ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम
ईरानी हमले से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि ‘सीजफायर तोड़ा तो ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा’। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया है कि उन्होंने एक तेल टैंकर पर हुए हमले के जवाब में ईरान के भीतर कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
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ईरानी मीडिया के अनुसार, हॉर्मोज़गान प्रांत के सिरिक इलाके में एक टेलीकॉम टावर पर धमाका हुआ है और केशम द्वीप पर भी संदिग्ध विस्फोटों की खबरें हैं।
