
ईरान ने विरोध प्रदर्शन के पीछे मोसाद का हाथ बताया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mossad Iran Protests: ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। तेहरान में विरोध-प्रदर्शन भड़काने में मोसाद के हाथ होने का आरोप सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोसाद के एजेंटों ने आम नागरिकों को खुलकर खामेनेई सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए उकसाया। इसके साथ ही, एजेंटों ने कुछ लोगों को हिंसा भड़काने और विरोध-प्रदर्शन को नियंत्रित करने की ट्रेनिंग भी दी।
द जेरूसलेम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार है जब मोसाद ने ईरान में हिंसा भड़काने की अपनी भूमिका को खुलकर स्वीकार किया है। आमतौर पर इस तरह की खुफिया गतिविधियां बेहद सीक्रेट रहती हैं। ट्विटर पर एक रिपोर्ट में बताया गया कि ईरानी सुरक्षा बलों ने कई ‘गद्दारों’ को गिरफ्तार किया, जो विरोध-प्रदर्शनों की वीडियोग्राफी कर इज़राइल समर्थित चैनलों तक भेज रहे थे।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने 9 जनवरी को बयान जारी कर कहा कि प्रदर्शन मोसाद और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के इशारे पर हो रहे हैं। खामेनेई ने चेतावनी दी कि मस्जिदों को नुकसान पहुंचाने वाले प्रदर्शनकारियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानाकारी के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने अब तक मोसाद से जुड़े 10 से अधिक एजेंटों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को दो और एजेंटों को अरेस्ट किया गया, जिनके पास नक्शे और वीडियो फुटेज बरामद हुए। सरकार एक एजेंट को फांसी देने की तैयारी में है।
ईरान के अनुसार, जून 2025 के बाद अजरबैजान के रास्ते हथियार देश में लाए गए और स्थानीय लोगों को मोसाद ने सरकार के खिलाफ तैयार किया। प्रदर्शन के दौरान मोसाद के एजेंट लगातार गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे थे।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि नागरिक ईरान से बाहर निकलने के लिए आर्मेनिया या तुर्की के मार्ग का उपयोग करें। अमेरिकी वर्चुअल दूतावास की एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि “ईरान में विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं।”
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मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान की सेना ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए करीब 600 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें अधिकांश आम नागरिक थे। खामेनेई ने देश को मोसाद के एजेंटों से मुक्त कराने का संकल्प व्यक्त किया है और सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखी है।






