तेहरान में खामेनेई से मिले पेजेश्कियन, दोनों लोगों के बीच चली ढाई घंटे बैठक; आखिर ईरान क्या बना रहा नया प्लान
Pezeshkian Khamenei Summit: ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के साथ ढाई घंटे लंबी बैठक की। होर्मुज में तनाव कम करने के बीच इस मुलाकात ने वैश्विक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
मसूद पेजेश्कियन और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Pezeshkian Khamenei Summit News In Hindi: मीडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान की राजधानी तेहरान से एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के साथ एक लंबी बैठक की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब ईरान नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज को लेकर तनाव चरम पर है।
ढाई घंटे चली बहाली की बैठक
सरकारी मीडिया ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (IRIB) की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन और मोजतबा खामेनेई के बीच यह चर्चा करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक के बाद राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने बताया कि बैठक में वे मोजतबा खामेनेई के विनम्र और आत्मीय व्यवहार से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च नेता के बातचीत करने के तरीके ने पूरे माहौल को भरोसे, शांति और खुले संवाद में बदल दिया। जिससे आपसी सहानुभूति और विश्वास को बढ़ावा मिला।
चोट के बाद पहली बार दिखे मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई का इस तरह दिखना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक संयुक्त हमले में उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जबकि मोजतबा खुद इस हमले में घायल हो गए थे। मार्च में सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्ति के बाद से वे सार्वजनिक रूप से बहुत कम दिखाई दिए हैं। इस मुलाकात ने न केवल उनके स्वस्थ होने का संकेत दिया है बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान की सत्ता पर उनकी पकड़ मजबूत हो रही है।
सम्बंधित ख़बरें
भारत में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी होंगे बाहर, विदेश मंत्रालय ने बताया भेजने का पूरा प्लान
दुनिया के वो देश जिनके हैं दर्जनों दुश्मन, रूस और इजरायल की इस लिस्ट में भारत का कनेक्शन देख रह जाएंगे दंग
अमेरिका में एशियाई सुई वाली चींटी का आतंक: एक डंक और जा सकती है जान, जानें कितनी खतरनाक है ये प्रजाति
दक्षिण कोरिया में आ गया रोबोट भिक्षु, गले में माला पहनकर कराएगा पूजा-पाठ, क्या इंसानी गुरुओं की होगी छुट्टी?
होर्मुज में तनाव कम होने के संकेत
इस वार्ता का सबसे बड़ा असर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज क्षेत्र पर पड़ने की उम्मीद है। यह बैठक उस समय हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को महज एक दिन बाद ही रोक दिया गया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कुछ देशों के विशेष अनुरोध पर होर्मुज में जहाजों की आवाजाही जबरन शुरू कराने वाले इस प्रोजेक्ट पर रोक लगाई है।
समाप्त हुआ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’
ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे चल रही कूटनीति का असर अब दिखने लगा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हाल ही में प्रेस के सामने घोषणा की है कि एपिक फ्यूरी ऑपरेशन को अब समाप्त माना जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें:- भारत में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी होंगे बाहर, विदेश मंत्रालय ने बताया भेजने का पूरा प्लान
इसका मतलब यह है कि ईरान के नेतृत्व और पश्चिमी शक्तियों के बीच तनाव घटाने के लिए कोई मौन सहमति बनी है। जानकार इस मुलाकात और अमेरिका के कदम को क्षेत्र में एक नए कूटनीतिक अध्याय की शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।
