Mojtaba Khamenei Statement: मोजतबा खामेनेई की दोटूक, अमेरिकी बेस की सुरक्षा सिर्फ एक भ्रम, बताया 'कागजी शेर'

Mojtaba Khamenei Statement: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला किया है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को कागजी शेर बताया और खाड़ी पर सुरक्षा का अपना बड़ा दावा किया।
Khamenei Statement: Mojtaba Khamenei News US Bases Are Paper Tigers In Middle East Conflict
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran Leader Mojtaba Khamenei Statement News: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा भारी तनाव अब एक बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के खिलाफ एक बहुत ही तीखा और भयंकर हमला बोला है। उन्होंने मध्य पूर्व में मौजूद सभी बड़े अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सीधे तौर पर पूरी तरह से 'कागजी शेर' करार दिया है। उनका स्पष्ट मानना है कि जो विदेशी ठिकाने खुद की सुरक्षा नहीं कर सकते वह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा कैसे करेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए उन्होंने अमेरिका के सभी सहयोगी देशों पर भी बहुत कड़ा निशान साधा है। यह कड़ा बयान ऐसे नाजुक समय में आया है। जब ईरान अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव को कम करने की कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया और अहम शांति प्रस्ताव भेजा था जिसे राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही पूरी तरह से ठुकरा चुके हैं। इन सब घटनाक्रमों से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि इस पूरे संवेदनशील क्षेत्र में अभी शांति स्थापना की राह बहुत ही ज्यादा कठिन और लंबी है।

फारस की खाड़ी पर दावा

खामेनेई ने पर्शियन गल्फ डे के मौके पर कहा कि फारस की खाड़ी सिर्फ पानी का क्षेत्र नहीं बल्कि उनकी पहचान और सभ्यता का एक अहम हिस्सा है यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम रास्ता है और इसे विदेशी ताकतों के अनावश्यक दखल से पूरी तरह मुक्त होना चाहिए उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से यह खाड़ी अमेरिका की मौजूदगी से मुक्त होकर लोगों की तरक्की और खुशहाली के लिए काम करेगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा

सुप्रीम लीडर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रक्षा सुनिश्चित करने का भी बहुत ही मजबूत और कड़ा दावा पेश किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने क्षेत्र में किसी भी तरह की विदेशी और शत्रुतापूर्ण गतिविधि का बहुत ही करारा जवाब देगा। पश्चिमी देशों की सैन्य मौजूदगी ने हमेशा इस क्षेत्र में केवल अस्थिरता और लगातार बड़े संघर्ष को ही काफी ज्यादा बढ़ावा दिया है।

ट्रंप ने शांति प्रस्ताव किया खारिज

ईरान ने वर्तमान संघर्ष और इस भारी तनाव को कम करने के लिए अमेरिका को एक बहुत ही नया शांति प्रस्ताव भेजा था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह अहम प्रस्ताव पाकिस्तान की मदद और मध्यस्थता के जरिए सीधे अमेरिकी प्रशासन तक पहुंचाया गया था। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस ताजा शांति प्रस्ताव को मानने से सिरे से इनकार करने के साफ संकेत दिए हैं।

बाहरी शक्तियां पूरी तरह नाकाम

खामेनेई ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि बाहरी शक्तियां इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में बिल्कुल असमर्थ हैं। क्षेत्रीय देशों का आपसी भाग्य एक दूसरे से जुड़ा है और किसी भी दूर बैठे विदेशी देश को यहां बिल्कुल दखल नहीं देना चाहिए। 'कागजी शेर' जैसे अमेरिकी ठिकाने क्षेत्र के अमेरिकी समर्थकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह से विफल और अक्षम साबित हुए हैं।

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