भारत में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी होंगे बाहर, विदेश मंत्रालय ने बताया भेजने का पूरा प्लान
Bangladesh Migrants: भारत में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों को वापस उनके देश भेजा जाएगा। रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश से अपील की है कि वह नागरिकता की पहचान के रुके हुए मामलों को जल्दी निपटाए।
- Written By: अमन उपाध्याय
रणधीर जायसवाल, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
India Bangladesh Migrants Repatriation Plan: भारत सरकार ने देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी लोगों, खासकर बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजने के लिए अपना रवैया और कड़ा कर लिया है। साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा और अपनी आजादी के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। मंत्रालय ने पड़ोसी देश बांग्लादेश से कहा है कि वह अपने नागरिकों की पहचान की जांच का काम जल्दी पूरा करे ताकि उन्हें वापस भेजा जा सके।
2860 से ज्यादा मामले लंबित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए एक चौंकाने वाला डेटा साझा किया। उन्होंने बताया कि इस समय बांग्लादेश के पास नागरिकता की जांच के 2,860 से ज्यादा मामले रुके हुए हैं। इनमें से कई मामले तो पिछले पांच सालों से भी ज्यादा समय से अटके हैं। भारत ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश की सरकार इन फाइलों पर जल्दी काम करेगी।
जायसवाल ने साफ कहा कि भारत का नियम पक्का है देश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों को कानून और आपसी समझौते के तहत उनके देश वापस भेजा ही जाएगा।।
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बंगाल चुनाव और तीस्ता जल समझौते पर हलचल
पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP की बड़ी जीत के बाद बांग्लादेश में भी हलचल बढ़ गई है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार खलीलुर रहमान ने तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे के समझौते पर तुरंत बातचीत करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों के लिए यह मामला ‘जीवन और मौत’ जैसा है।
वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन बातों को अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के मुद्दे के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए। बांग्लादेश का कहना है कि वह सिर्फ उन्हीं लोगों को वापस लेगा जिनकी नागरिकता की पक्की पहचान हो चुकी होगी।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी ब्रीफिंग
इस प्रेस ब्रीफिंग का एक और खास हिस्सा ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ की पहली सालगिरह रही। 7 मई 2026 को इस कामयाब सैन्य मिशन का एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ‘प्रोफाइल पिक’ बदलकर इसकी सफलता को याद किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जाता है, जिसमें आने और जाने की पूरी योजना पहले से ही तैयार थी।
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लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने भी इस मौके पर भारतीय सेना की बहादुरी और आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति की बात फिर से दोहराई।कुल मिलाकर, भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह एक तरफ जहां पड़ोसियों के साथ आपसी रिश्तों और पानी के समझौतों पर बात करने को तैयार है, वहीं अवैध घुसपैठ और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर वह कोई समझौता नहीं करेगा।
