ईरान अब अमेरिका में तबाही मचाने को तैयार…बनाई खूंखार ICBM मिसाइल, यूरोप से एशिया तक कर सकता है मार
Iran ICBM Missile: ईरान अब अमेरिका के वाशिंगटन और न्यूयॉर्क बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर सकता है। तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि ICBM मिसाइल की सफल टेस्टिंग की गई है। यह घातक मिसाइल है।
- Written By: रंजन कुमार
ईरान की नई मिसाइल।
ICBM Missile: पूरी दुनिया में ईरान मिसाइलों का बादशाह कहा जाता है। इसके बावजूद वह सैन्य ताकत में काफी पीछे हैं, जिसकी वजह कमजोर एयरफोर्स है। इसी चलते ईरान पर इजरायल और अमेरिका हमला कर निकल जाते हैं। ईरान के पास ड्रोन और मिसाइलें हैं, लेकिन उनकी रेंज पर सवाल है। जब भी इजरायल और अमेरिका हमला करते हैं तो ईरान इजरायल पर काउंटर अटैक करता था, लेकिन अमेरिका ईरानी मिसाइलों की रेंज से बाहर रहता था। वैसे, ईरान के अनुसार अब उसके रडार में अमेरिका भी आ गया है। मतलब खामेनेई के इशारे पर अब सीधे वॉशिंगटन पर हमला होगा।
ईरान का दावा है कि उसने 10000 किलोमीटर तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का सफल टेस्टिंग किया है। उसके मिसाइल कार्यक्रम में यह सबसे बड़ी छलांग है। ईरान के अनुसार अमेरिका का मेन लैंड मिसाइलों की पहुंच हो गई है। यह घटनाक्रम ईरान-इराक युद्ध के समय शुरू हुए ईरानी मिसाइल कार्यक्रम के बाद सबसे बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा।
ईरानी मीडिया का खुलासा
ईरान की सरकारी झुकाव वाली मीडिया एजेंसी तसनीम न्यूज एजेंसी के जरिए यह जानकारी सामने आई है। जिसे ईरानी संसद (मजलिस) के सदस्यों और सत्ता के करीबी वरिष्ठ नेताओं ने आगे बढ़ाया है। इनमें सबसे प्रमुख नाम मोहसेन जंगनेह का है। इन्होंने कहा कि परसों रात हमने देश की सबसे उन्नत मिसाइलों में से एक का परीक्षण किया। इसका ट्रायल सफल रहा। जंगनेह ने अन्य इंटरव्यू में भी कहा कि यह साधारण टेस्टिंग नहीं थी, बल्कि ऐसी मिसाइल का ट्रायल था, जिसे अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं आजमाया गया था। ईरानी विश्लेषकों ने इस बयान को जानबूझकर इस तरह पेश किया, ताकि यह संकेत मिले कि मिसाइल की क्षमता अंतरमहाद्वीपीय (ICBM) स्तर की है, न कि सिर्फ रेंज में मामूली बढ़त है।
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एशिया रक्षा योजनाकार सोचने को मजबूर
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े सूत्रों के संदेशों के साथ यह बयानबाजी मिलती-जुलती है। तसनीम ने अज्ञात रक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि यह टेस्टिंग रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता के प्रति ईरान की अटूट प्रतिबद्धता दिखाता है। यह वही लाइन है, जिसे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई वर्षों से दोहराते रहे हैं। खासकर पश्चिमी प्रतिबंधों के संदर्भ में वे ऐसा कई बार कह चुके हैं। वैसे, 19 जनवरी तक किसी स्वतंत्र खुफिया एजेंसी ने 10000 किमी की पूरी इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल उड़ान की पुष्टि नहीं की, लेकिन इमाम खुमैनी स्पेसपोर्ट की सैटेलाइट तस्वीरें, सोशल मीडिया पर संकेत और संसद सदस्यों के बयान पश्चिमी और एशियाई रक्षा योजनाकारों को धारणाओं पर दोबारा सोचने को मजबूर कर रहे।
क्या असर पड़ेगा?
ईरान के पास वास्तव में 10000 किमी की मिसाइल आती है तो वह सिर्फ क्षेत्रीय मिसाइल शक्ति नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर हमला करने की क्षमता वाला देश बनेगा। इससे वॉशिंगटन से ब्रसेल्स, तेल अवीव से टोक्यो तक की सुरक्षा गणित बदल जाएंगे। खास बात है कि यह दावा ऐसे समय में किया गया, जब ईरान के अंदरूनी हालात तनावपूर्ण हैं। मध्य पूर्व में उसके प्रॉक्सी युद्ध जारी हैं। रूस के साथ उसका सैन्य औद्योगिक सहयोग गहराता जा रहा। ये परिस्थितियां मिलकर संकट के दौर में तेज हथियार विकास की संभावना को और विश्वसनीय बनाती हैं।
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पुराना बयान चर्चा में आया
ईरानी अधिकारी का पुराना बयान फिर से चर्चा में है। उसमें कहा गया था कि अमेरिका हमसे 10000 किलोमीटर दूर है। हम अपने जहाजों को 2000 किलोमीटर के भीतर ला सकते हैं और वहां से ऐसी मिसाइलें दाग सकते हैं,जो वॉशिंगटन और न्यूयॉर्क तक पहुंचें। अब इस बयान को सिर्फ धमकी नहीं, बल्कि दूरदर्शी रणनीति के तौर पर पेश किया जा रहा।
