

Defence Ministry Gift Tank To Anna Hazare: प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के 90वें जन्मदिन के अवसर पर भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने उन्हें एक बेहद खास और ऐतिहासिक उपहार दिया है। 15 जून को अन्ना अपना 90वां जन्मदिन मनाएंगे, और इस उपलक्ष्य में उन्हें वह टी-55 टैंक भेंट किया गया है, जिसने 1965 और 1971 के युद्धों में भारतीय सेना की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 11 जून को यह टैंक अन्ना के पैतृक गांव रालेगण सिद्धि पहुंच गया, जहाँ इसे उनके 'हिंद सेवा ट्रस्ट' के मुख्य द्वार पर स्थापित किया गया है।
टी-55 टैंक का निर्माण 1950 में सोवियत संघ द्वारा शुरू किया गया था और भारत ने इसे 1960 के दशक में अपनी सेना में शामिल किया था। इस टैंक ने 1965 और विशेष रूप से 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तानी सेना को पीछे धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सूत्रों के अनुसार, इसी टैंक की मारक क्षमता के कारण भारतीय सेना ने युद्ध के मैदान में कभी हार का सामना नहीं किया।
टैंक को अपने सामने पाकर अन्ना हजारे अत्यंत भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने टैंक पर पुष्पहार अर्पित किया और उसे सैल्यूट कर सम्मान दिया। पुरानी यादों को ताजा करते हुए अन्ना ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान इसी टैंक ने दुश्मनों को मैदान छोड़कर भागने पर मजबूर कर दिया था।
अपनी सैन्य सेवा को याद करते हुए अन्ना हजारे ने बताया कि 1965 के युद्ध के दौरान सीमा पर तैनात उनके कई साथी शहीद हो गए थे, लेकिन वे चमत्कारिक रूप से वे बच गए। उन्होंने साझा किया कि उस कठिन समय में उन्होंने संकल्प लिया था कि चूंकि ईश्वर ने उन्हें जीवित रखा है, इसलिए वे अपना शेष जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित करेंगे। इसी प्रेरणा के साथ उन्होंने सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ और ग्रामीण विकास के लिए अपना जीवन लगा दिया।
रालेगण सिद्धि में इस टैंक के आने से ग्रामीणों में भी काफी उत्साह है। रक्षा मंत्रालय के इस कदम को अन्ना हजारे के देश के प्रति योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। इस टैंक का औपचारिक अनावरण 15 जून को अन्ना हजारे के जन्मदिन के दिन किया जाएगा। यह टैंक अब रालेगण सिद्धि आने वाले लोगों के लिए देशभक्ति और भारतीय सेना के पराक्रम का प्रतीक बनकर वहां खड़ा रहेगा।