Mosaic Defense: जनरल अली जाफरी की वो रणनीति जिसने अमेरिका-इजराइल के हमलों को किया नाकाम
Iran Military Strategy: जनरल अली जाफरी की 'मोजेक डिफेंस' रणनीति ने ईरान को अजेय बना दिया है। शीर्ष नेतृत्व के खात्मे के बावजूद स्वायत्त इकाइयां अमेरिका और इजराइल पर लगातार जवाबी हमले कर रही हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran Strategic Military Resilience: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच छिड़ा युद्ध अब एक निर्णायक और हैरान करने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। 28 फरवरी को हुए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व खत्म होने के बाद भी जंग रुकी नहीं है। इस अजेय प्रतिरोध के पीछे मास्टरमाइंड मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी की सालों की कड़ी मेहनत और दूरदर्शिता है। आज ईरान की धरती से हो रहे हमले साबित कर रहे हैं कि उसे पूरी तरह हराना अब लगभग नामुमकिन है।
सद्दाम की हार से ली बड़ी सीख
मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने 2003 में इराक पर हुए अमेरिकी हमले और सद्दाम हुसैन की सेना के पतन का बारीकी से अध्ययन किया था। उन्होंने महसूस किया कि सद्दाम की सेना इसलिए बिखरी क्योंकि वहां सारा नियंत्रण सिर्फ एक तानाशाह के हाथ में सिमटा हुआ था। जाफरी ने तभी तय किया था कि वह ईरान में ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जो कमान टूटने पर भी दुश्मन को लहूलुहान करने की ताकत रखेगी।
क्या है मोजेक डिफेंस थ्योरी?
साल 2005 में जाफरी ने ‘मोजेक डिफेंस’ का सिद्धांत पेश किया जिसमें सैन्य शक्ति को 31 स्वायत्त प्रांतीय कमानों में पूरी तरह बांट दिया गया। हर प्रांत के पास अपने मिसाइल, ड्रोन और ‘बसीज’ लड़ाकों की फौज है जो बिना किसी शीर्ष आदेश के स्वतंत्र फैसले ले सकते हैं। इस रणनीति का मुख्य मकसद हार को टालना और हमलावर सेना को एक बहुत लंबे और थका देने वाले संघर्ष में उलझाना है।
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2026 के युद्ध में दिखा असर
फरवरी 2026 के हमलों में सुप्रीम लीडर खामेनेई समेत कई बड़े कमांडरों के मारे जाने के बाद भी ईरान की जवाबी कार्रवाई तुरंत शुरू हो गई। ईरान की इन इकाइयों ने बहरीन, कतर, यूएई और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ नागरिक बुनियादी ढांचों को भी निशाना बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान अब ‘ऑटोपायलट’ मोड पर चल रहा है जहां हर कमांडर अपनी समझ से जंग को आगे बढ़ा रहा है।
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कभी न खत्म होने वाली सेना
ईरान की यह खास रणनीति उसे जीत भले न दिलाए, लेकिन यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी ताकत उसे पूरी तरह परास्त नहीं कर सकेगी। जैसे एक पौराणिक हाइड्रा राक्षस का सिर काटने पर नए सिर उग आते हैं, वैसे ही ईरान की ये सैन्य इकाइयां नेतृत्व के बिना सक्रिय हैं। जाफरी ने एक ऐसी सेना का निर्माण किया है जो भौगोलिक बनावट और पहाड़ों का लाभ उठाकर दुश्मनों को धूल चटाने में सक्षम है।
