डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Military Mock Donald Trump: ईरान की सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ “सार्थक और अच्छी बातचीत” होने की बात कही थी। ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ 2 दिनों तक अच्छी बातचीत हुई और इसलिए अगले 5 दिनों के लिए हम ईरान पर कोई हमला नहीं करेंगे। लेकिन ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागरी ने बुधवार को इसे केवल अमेरिकी “खुद से की जाने वाली बातचीत” बताया और अमेरिकी प्रयासों का मजाक उड़ाया।
जोल्फागरी ने सरकारी टीवी पर एक रिकॉर्डेड वीडियो में कहा, “जिस रणनीतिक शक्ति की आप बात करते थे, वह अब रणनीति असफलता में बदल चुकी है। जो खुद को वैश्विक महाशक्ति बताता है, अगर वह इस उलझन से बाहर निकल सकता तो अब तक निकल चुका होता।” उन्होंने आगे चेतावनी दी कि अमेरिका अपनी हार को समझौते का रूप न दे और उनके खोखले वादों का दौर खत्म हो चुका है।
जोल्फागरी ने ट्रंप प्रशासन द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए 15 सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव के कुछ ही देर बाद कहा, “हमारा पहला और आखिरी शब्द शुरू से एक ही रहा है और आगे भी वैसा ही रहेगा। हमारे जैसे लोग आपके जैसे लोगों से कभी समझौता नहीं करेंगे। न अब, न कभी।” इसी बीच, चीन ने अमेरिका और ईरान दोनों से अपील की है कि वे मामले को शांति से हल करें।
JUST IN: 🇮🇷🇺🇸 Iran send message to US President Trump “Has the level of your own conflicts reached the stage of negotiating with yourselves?” pic.twitter.com/5Sx8MAYsl2 — BRICS News (@BRICSinfo) March 25, 2026
इसके अलावा, लेबनान सीमा के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार कई शहरों में रॉकेट चेतावनी और संदिग्ध ड्रोन अलर्ट सायरन बजाए गए। यह अलर्ट मुख्य रूप से हिजबुल्लाह के संभावित हमले को देखते हुए जारी किया गया। स्थानीय लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए, जबकि सुरक्षा बल स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं और लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप ने शांति स्थापित करने की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। वार्ता में उन्होंने मिडिल ईस्ट में शांति कायम करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित और खुला रखने पर जोर दिया।