‘आंख के बदले लेंगे सिर…’, ईरान की डोनाल्ड ट्रंप को सीधी धमकी, कहा- दलदल से निकलने का समय खत्म
US-Iran War: ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बुनियादी ढांचे पर हमले का जवाब "आंख के बदले सिर" से दिया जाएगा। तेहरान ने शांति के लिए मुआवजे और प्रतिबंध हटाने की शर्त रखी है।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Warns US: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद स्थिती दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। इसी बीच ईरान की ओर से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी गई है। ईरान के एक शीर्ष अधिकारी मोहसेन रजाई ने कहा कि अमेरिका के पास युद्ध से निकलने के लिए अब बस कुछ ही समय बचा है।
मोहसेन रजाई ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के पास इस “दलदल” से बाहर निकलने के लिए बहुत कम समय बचा है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करती है, तो जवाब “आंख के बदले आंख” नहीं, बल्कि “आंख के बदले सिर” की तर्ज पर दिया जाएगा। उनका दावा था कि ऐसी स्थिति में ईरान अमेरिका को गंभीर नुकसान पहुंचाकर उसे पूरी तरह अस्थिर कर सकता है।
ट्रंप की शांति की पहल से इनकार
रजाई का यह बयान उस घोषणा के ठीक बाद आया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका अगले पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पावर प्लांट्स पर हमले नहीं करेगा। हालांकि ईरान ने इस कदम को शांति की पहल नहीं माना। रजाई ने इसे “मनोवैज्ञानिक युद्ध” बताते हुए कहा कि अमेरिका विरोधाभासी बयान देकर ईरान का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन तेहरान इससे प्रभावित नहीं होगा।
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ईरान ने बताया कैसे ख्त्म होगी जंग
इंटरव्यू के दौरान रजाई ने यह भी कहा कि मौजूदा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जाती। उन्होंने अमेरिका से मुआवजे की मांग करते हुए तीन स्पष्ट शर्तें रखीं पहली, युद्ध में हुए नुकसान की पूरी भरपाई; दूसरी, ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को तुरंत हटाया जाए; और तीसरी, भविष्य में ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की गारंटी दी जाए।
शहबाज ने दिया मध्यस्थता का प्रस्ताव
इस बीच क्षेत्रीय स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पेशकश करते हुए दोनों देशों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान और अमेरिका को इस्लामाबाद में बातचीत के लिए बुलाया।
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हालांकि हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने जहां ईरानी नेतृत्व के साथ “सकारात्मक बातचीत” का दावा किया, वहीं तेहरान ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए “फेक न्यूज” बताया। ईरान का कहना है कि ऐसे बयान सिर्फ वैश्विक बाजार को प्रभावित करने की रणनीति हैं, न कि वास्तविक कूटनीतिक प्रगति।
