ईरान में मची भारी तबाही, 1,300 निर्दोषों की मौत और 10,000 इमारतें जमींदोज; UN में तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Middle East Crisis: संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत आमिर सईद ईरवानी ने अमेरिका और इजरायल पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। हमलों में 1,300 लोगों की मौत और भारी तबाही हुई है।
Massive devastation in Iran, 1,300 innocent people killed and 10,000 buildings destroyed; Iran issues stern warning to the UN
तेहरान में हमले की फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Civilian Casualties In Iran: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने अब एक भयावह मानवीय संकट का रूप ले लिया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि, आमिर सईद ईरवानी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अत्यंत चिंताजनक आंकड़े पेश किए हैं। ईरवानी के अनुसार, 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य हमलों में अब तक 1,300 से अधिक ईरानी नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया है कि ये हमले जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं।

मलबे में तब्दील हुए शहर और संस्थान

ईरानी राजदूत द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की विभीषिका ने ईरान के नागरिक ढांचे को बुरी तरह झकझोर दिया है। अब तक लगभग 10,000 नागरिक स्थल तबाह हो चुके हैं। इनमें 7,943 आवासीय घर, 1,617 वाणिज्यिक केंद्र और 32 चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। शिक्षा के मंदिरों को भी नहीं बख्शा गया है जहां 65 स्कूलों और शैक्षिक संस्थानों को मलबे में तब्दील कर दिया गया है। यहां तक कि मानवीय सहायता प्रदान करने वाली 13 रेड क्रेसेंट इमारतों और कई ऊर्जा आपूर्ति केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रहार

हमलों का असर केवल इमारतों तक सीमित नहीं है। शनिवार रात तेहरान और अन्य शहरों में ईंधन भंडारण सुविधाओं पर किए गए भारी हमलों ने एक नया संकट खड़ा कर दिया है। इन विस्फोटों के कारण भारी मात्रा में जहरीले और खतरनाक प्रदूषक वायुमंडल में फैल गए हैं। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार, इस वायु प्रदूषण से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर जोखिम पैदा हो गया है, जो पहले से ही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। राजदूत ईरवानी ने इसे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता कन्वेंशन जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय दायित्वों का उल्लंघन बताया है।

राजनयिकों की हत्या और बुनियादी सुविधाओं की बर्बादी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर हमलों से नागरिक विमानों और हवाई अड्डे की सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, हर्मोजगन प्रांत के क़ेश्म द्वीप पर एक जल शोधन संयंत्र पर हमले के कारण 30 गांवों की पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। ईरवानी ने लेबनान के बेरूत में रामाडा होटल पर हुए हमले का भी जिक्र किया जहां चार ईरानी राजनयिकों की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने इसे एक गंभीर आतंकवादी कृत्य और युद्ध अपराध करार दिया है।

ईरान का संकल्प

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस 'खूनी युद्ध' को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। राजदूत ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने लोगों, अपनी क्षेत्रीय अखंडता और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक और कड़े कदम उठाएगा।

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