मलेशियन टैंकर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Malaysia Ships Free Passage Iran: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। ईरान ने इस आपदा को अवसर में बदलते हुए होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से ‘ट्रांजिट फीस’ यानी टोल वसूलने के लिए एक नए और व्यवस्थित सिस्टम को मंजूरी दे दी है। हालांकि, ईरान ने इस नए टैक्स सिस्टम में अपने एक खास दोस्त को बड़ी राहत दी है।
ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह मलेशियाई जहाजों से होर्मुज पार करने के लिए कोई पैसा नहीं लेगा। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में ईरान के राजदूत वलीओल्लाह मुहम्मदी नसराबादी ने स्पष्ट किया कि मलेशिया एक ‘मित्र देश’ है और उसके जहाजों को बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी फीस के इस जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
इस रियायत की पुष्टि मलेशिया के परिवहन मंत्री एंथनी लोक ने भी की है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजनयिक संबंधों की मजबूती के कारण मलेशियाई जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान में कम से कम सात मलेशियाई स्वामित्व वाले जहाज होर्मुज पार करने के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं जिन्हें अब फ्री पैसेज मिल जाएगा।
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ही होर्मुज में तनाव चरम पर है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। अब ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों से कमाई करने का मन बनाया है। ईरानी राजदूत ने जोर देकर कहा कि ‘होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है यह बस उन देशों के लिए बंद है जो ईरान पर हमला करते हैं।’
यह भी पढ़ें:- खाड़ी में भड़की जंग की आंच, ईरान ने तेल से भरे टैंकर को बनाया निशाना; धू-धू कर जला जहाज
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। इसके बंद होने या ट्रांजिट फीस लगने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों पर गहरा असर पड़ रहा है। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक जैसे कुछ देशों को यहां से गुजरने की इजाजत है लेकिन मलेशिया जैसी पूर्ण ‘फीस माफी’ का लाभ केवल चुनिंदा मित्रों को ही दिया गया है। अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए यह रास्ता पूरी तरह से बंद या भारी जोखिम वाला बना हुआ है।