खाड़ी में भड़की जंग की आंच, ईरान ने तेल से भरे टैंकर को बनाया निशाना; धू-धू कर जला जहाज

Iran Drone Strike Oil Tanker: ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने दुबई के पास कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया है। जवाब में अमेरिका ने हिंद महासागर में भारी युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात किए हैं।
Following Trump's Threat... Iranian Drone Attacks Tanker Carrying 2 Million Barrels of Oil; Ship Engulfed in Flames
तेल टैंकर पर ईरान का ड्रोन हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Drone Attack Kuwait Oil Tanker: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी से भड़के ईरान ने मंगलवार को दुबई के पास एक तेल टैंकर पर भीषण ड्रोन हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर असुरक्षा के बादल गहरा गए हैं।

कुवैती तेल टैंकर 'अल-सल्मी' पर हमला

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमला दुबई तट के करीब हुआ, जहां कुवैत का झंडा लगे 'अल-सल्मी' नामक जहाज को निशाना बनाया गया। ड्रोन हमले के तुरंत बाद जहाज पर भीषण आग लग गई जिसे दुबई के अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू में किया। जहाज के मालिक, कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने पुष्टि की है कि हमले में जहाज को काफी नुकसान पहुंचा है हालांकि राहत की बात यह रही कि तेल का कोई रिसाव नहीं हुआ और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।

ट्रंप की 'खार्ग द्वीप' वाली धमकी

यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस संकेत के बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के खार्ग द्वीप को निशाना बनाने की बात कही थी। बता दें कि खार्ग द्वीप ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा संभालता है और इसे निशाना बनाने का मतलब ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ना है। इसके जवाब में तेहरान ने खुली चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अमेरिकी सैनिक ने उनकी जमीन पर कदम रखने की कोशिश की तो उसे 'नेस्तनाबूद' कर दिया जाएगा। साथ ही, ईरान ने वैश्विक ऊर्जा ढांचे पर हमले तेज करने की भी धमकी दी है।

हिंद महासागर में अमेरिका की बड़ी सैन्य घेराबंदी

ईरान के आक्रामक रुख को देखते हुए अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को कई गुना बढ़ा दिया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने जानकारी दी है कि 45,000 टन वजनी उभयचर आक्रमण पोत 'यूएसएस ट्रिपोली' को हिंद महासागर में तैनात कर दिया गया है। इस शक्तिशाली युद्धपोत पर 31वें समुद्री अभियान दल के लगभग 1,800 नौसैनिक तैनात हैं।

सैन्य तैयारियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा है। रिपोर्टों के अनुसार, 11वें नौसैनिक अभियान दल के लगभग 2,200 और नौसैनिकों को पश्चिम एशिया भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 82वीं वायुसेना इकाई के करीब 1,000 सैनिकों की भी तैनाती की जा रही है जो इस क्षेत्र में किसी बड़े अमेरिकी जमीनी अभियान की संभावना को पुख्ता करते हैं।

महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बना हुआ है। इस जंग की सीधी आंच अब आम जनता पर भी पड़ रही है। अमेरिका में पेट्रोल के दाम 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने अपनी धमकी के मुताबिक ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया तो दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में ऐसी आग लगेगी जिसे बुझाना किसी भी देश के लिए आसान नहीं होगा।

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