भारत पहुंचते ही अराघची का कुवैत पर वार! 4 ईरानियों को बंदी बनाने का आरोप, कड़े शब्दों में जताई नाराजगी
Araghchi In India: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत पहुंचते ही कुवैत पर ईरानी नाव पर हमले और 4 नागरिकों को बंधक बनाने का आरोप लगाया। वे ब्रिक्स बैठक के लिए दिल्ली आए हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran Minister Araghchi In India: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए 13 मई 2026 को भारत पहुंच गए हैं। अराघची ने भारत की जमीन पर कदम रखते ही कुवैत के खिलाफ अपना कड़ा गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कुवैत पर फारस की खाड़ी में एक ईरानी नाव पर गैरकानूनी हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह कड़ा बयान उनके भारत पहुंचने के कुछ मिनटों बाद ही पूरी दुनिया के सामने आया।
अराघची ने कहा कि कुवैत ने फूट डालने की मंशा से हमारे 4 निर्दोष ईरानी नागरिकों को अवैध रूप से हिरासत में ले लिया है। यह घटना उसी द्वीप के पास घटी जिसका इस्तेमाल कभी अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए किया था। उन्होंने कुवैत से मांग की है कि वह तुरंत हिरासत में लिए गए सभी 4 ईरानी नागरिकों को बिना शर्त रिहा करे। अभी ईरान ने कुवैत को इस मामले में केवल चेतावनी दी है और कहा है कि उन्हें जवाब देने का पूरा अधिकार है।
कुवैत के ईरान पर बेबुनियाद आरोप
दरअसल मंगलवार को कुवैत ने दावा किया था कि उसने खाड़ी देश में घुसपैठ की कोशिश करते हुए 4 लोगों को पकड़ा है। कुवैत का आरोप था कि ये चारों लोग ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। कुवैत ने यह भी कहा कि ईरान ने इन हथियारबंद लोगों की टीम को उस द्वीप की तरफ भेजा था जहां चीन एक बड़ा बंदरगाह बना रहा है।
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अराघची ने भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंचते ही कुवैत के इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि हम अपने नागरिकों की तत्काल रिहाई चाहते हैं और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना जानते हैं। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अभी इस जवाबी अधिकार का तुरंत इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
ब्रिक्स बैठक और ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव
अब्बास अराघची 14-15 मई के बीच नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अराघची के दिल्ली पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध का तनाव चरम पर है। यह भयानक युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ था। ईरान ने भी जवाब में इजरायल और खाड़ी में मौजूद अमेरिकी रणनीतिक ठिकानों को भारी निशाना बनाया।
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ईरान ने ऊर्जा सप्लाई के अहम रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके खाड़ी देशों को कड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है जिससे स्थिति और गंभीर है। अमेरिका और ईरान के बीच इस विनाशकारी युद्ध को खत्म करने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर अब तक चर्चा हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच अभी तक किसी भी एक प्रस्ताव पर पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी युद्ध खत्म करने की कोशिशों के तहत ईरान के करीबी व्यापारिक साझेदार चीन पहुंच चुके हैं।
