सामने आई ईरान की हार की वजह, देश में मौजूद 21 हजार इजराइली जासूसों ने की थी मदद, खुलासे से हड़कंप
Mossad Spies in Iran: जून में हुए युद्ध के दौरान ईरान में मोसाद के 21,000 एजेंट सक्रिय थे, जिनकी मदद से इजराइल ने ईरान के अंदर घुसकर हमले किए और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके ठिकानों पर निशाना बनाया।
- Written By: अक्षय साहू
सांकेतिक तस्वीर (फोटो- सोशल मीडिया)
Israel iran Mossad Spy Network: इजराइल और ईरान के बीच जून में 12 दिनों तक चल युद्ध को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा हुए है। जिसके मुताबिक जंग के दौरान ईरान में इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के 21,000 एजेंट तैनात थे और जिनकी सूचना के आधार पर इजराइल ने ईरान के अंदर घुसकर हमलों को अंजाम दिया था। ईरानी पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
इजराइल ने युद्ध के दैरान न सिर्फ ईरान के अंदर घुसकर हमले किए थे, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों को उनके सुरक्षित ठिकानों में जाकर निशाना बनाया, जिससे दुनियाभर में उसकी कार्यकुशलता और खुफिया नेटवर्क की चर्चा हो रही है। मोसाद ने ईरान में व्यापक खुफिया तंत्र फैला रखा था, जिसके जरिए उसने ईरानी नेतृत्व पर सटीक हमले किए।
21 हजार लोगों की गिरफ्तारी
जंग के दौरान ईरानी पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस प्रवक्ता सईद मोन्टेज़रलमहादी ने बताया कि राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन 110 पर कुल 7,850 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके आधार पर करीब 21 हजार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, देश की न्यायपालिका ने यह संख्या काफी कम, लगभग 2 हजार बताई है। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से यह जाहिर होता है कि जनता ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सतर्कता और सक्रिय भागीदारी दिखाई।
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पुलिस प्रवक्ता ने आगे कहा कि, देशभर में 1,000 से अधिक सामरिक चौकियां स्थापित की गईं और लगभग 40 हजार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया। तेहरान के फिलिस्तीन स्क्वायर में एक नियोजित विरोध सभा को रोकने सहित पुलिस ने कई जगहों पर सुरक्षा रणनीतियों के तहत ‘दुश्मन की साजिशों’ को नाकाम किया। एविन जेल में एक घटना के दौरान भागे 127 कैदियों को फिर से पकड़ा गया और कई बिना फटे बम भी बरामद किए गए।
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विदेशी नागरिकों पर कार्रवाई
अधिकारियों ने 2,774 बिना वैध दस्तावेजों के विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। फोन की जांच से 30 विशेष सुरक्षा मामलों का पता चला, जबकि 261 लोगों को जासूसी के शक में और 172 को अवैध रूप से फिल्मांकन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई के अनुसार, इनमें से कुछ लोगों पर दुश्मन के साथ सहयोग करने का आरोप है, और वे मौत की सजा का सामना कर सकते हैं।
