पाकिस्तान के पेशावर और इस्लामाबाद में महसूस हुए भूकंप के जोरदार झटके (सोर्स-सोशल मीडिया)
Strong Earthquake Shakes Pakistan: शुक्रवार की शाम पाकिस्तान के कई बड़े शहर भूकंप के जोरदार झटकों से दहल उठे जिससे लोगों में दहशत फैल गई। पाकिस्तान में भूकंप के तेज़ झटके के इस प्रभाव से पेशावर और इस्लामाबाद में इमारतें हिलने लगीं और लोग तुरंत घरों से बाहर निकले। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा का केंद्र पड़ोसी देश अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में था। फिलहाल राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि शुक्रवार शाम 6:09 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में 101 किलोमीटर की गहराई पर स्थित पाया गया है। झटके इतने तेज थे कि सीमावर्ती खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांतों के कई हिस्सों में कंपन को स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।
शाम के समय जब भूकंप आया तब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे लेकिन झटके महसूस होते ही भगदड़ मच गई। पेशावर और इस्लामाबाद जैसे प्रमुख शहरों में ऊंची इमारतें हिलने लगीं जिसके कारण निवासी सुरक्षित खुले स्थानों की ओर तेजी से भागे। सड़कों और पार्कों में जमा हुए लोगों के चेहरे पर डर साफ देखा जा सकता था क्योंकि झटके काफी देर तक महसूस हुए।
भूकंप का प्रभाव मुख्य रूप से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत के विभिन्न जिलों में सबसे अधिक देखने को मिला है। अधिकारियों ने बताया कि इस्लामाबाद और पेशावर के अलावा आसपास के छोटे शहरों में भी लोगों ने कंपन की शिकायत की है। हालांकि अभी तक किसी बड़े बुनियादी ढांचे के ढहने या किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण एक भूकंप-संभावित क्षेत्र में आता है जहां विवर्तनिक प्लेटों की हलचल बनी रहती है। पिछले शुक्रवार को भी बलूचिस्तान प्रांत में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था जिसका केंद्र खुजदार शहर के पास स्थित था। अरब सागर और यूरेशियन प्लेटों की सीमा पर स्थित होने की वजह से यह देश अक्सर ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर करीब से नजर रख रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पुराने और जर्जर भवनों से दूर रहें क्योंकि आफ्टरशॉक्स आने की संभावना हमेशा बनी रहती है। फिलहाल अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटा जा सके।
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शुरुआती रिपोर्ट्स में राहत की खबर यह है कि इस 5.9 तीव्रता वाले भूकंप से किसी भी तरह की जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है लेकिन अब तक किसी बड़ी इमारत के गिरने की खबर सामने नहीं आई है। निवासियों को फिलहाल शांत रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि डर का माहौल कम हो।
भूवैज्ञानिकों के अनुसार हिंदू कुश क्षेत्र में होने वाली हलचल अक्सर पाकिस्तान के उत्तरी हिस्सों में बड़े भूकंपीय झटकों का मुख्य कारण बनती है। गहराई अधिक होने के कारण झटकों की तीव्रता सतही स्तर पर उतनी विनाशकारी नहीं रही जितनी कि कम गहराई वाले भूकंपों में होती है। फिर भी इस तरह के लगातार आ रहे झटके भविष्य में किसी बड़ी आपदा के संकेत के रूप में देखे जा रहे हैं।