ईरान की डिप्लोमैटिक चाल से मिडिल ईस्ट में मच सकता है तूफान! अराघची-पुतिन की मुलाकात पर दुनिया की नजर
रूस पहले भी इजरायल के हमलों की आलोचना कर चुका है। अब, जब अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई में कदम रखा है, तो ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस की ओर रवाना हो रहे हैं। अराघची ने कहा, "अमेरिकी हमले के बाद फिलहाल कूटनीतिक...
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान की डिप्लोमैटिक चाल से मिडिल ईस्ट में मच सकता है तूफान! अराघची-पुतिन की मुलाकात पर दुनिया की नजर
तेहरान: अमेरिका द्वारा ईरान के तीन बड़े परमाणु केंद्रों पर किए गए हमलों के बाद अब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। इसी मामले को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को रूस की राजधानी मॉस्को के लिए रवाना हुए हैं, जहां वे सोमवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। यह घोषणा अराघची ने अमेरिका के हमलों के कुछ ही घंटों बाद की, जो यह संकेत देती है कि अब ईरान-इज़रायल टकराव में अमेरिका की सैन्य भूमिका खुलकर सामने आ गई है।
रूस ने पहले भी इजरायल पर हमलों की आलोचना की है। अमेरिका के संघर्ष में शामिल होने के बाद, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के लिए रवाना हुए हैं। अराघची ने कहा, “अमेरिकी हमले के बाद इस समय कूटनीतिक बातचीत का कोई अन्य विकल्प नहीं है। मैं आज मास्को जा रहा हूं और कल सुबह राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करूंगा।”
ईरान के लिए काम कर रहे रूसी वैज्ञानिक
उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि पुतिन से मुलाकात के बाद रूस भी इस संघर्ष में हस्तक्षेप कर सकता है। अब तक रूस ने ईरान को खुलकर समर्थन नहीं दिया है, लेकिन पुतिन ने स्पष्ट किया है कि ईरान की परमाणु सुविधाओं में काम कर रहे रूसी वैज्ञानिकों को वापस बुलाने का कोई इरादा नहीं है।
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ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान पर किए गए हमलों के बाद अमेरिका ने सभी सीमाएं पार कर ली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कूटनीतिक समाधान के लिए दरवाजे हमेशा खुले रहने चाहिए, लेकिन फिलहाल यह सही समय नहीं है। उनके इस बयान से झलकता है कि ईरान जल्द ही इन हमलों का जवाब दे सकता है।
इसी बीच, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने इजराइल पर करीब 30 मिसाइलें दागीं, जिससे तेल अवीव और हाइफा जैसे प्रमुख शहरों में भारी नुकसान हुआ है। यह हमला अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद किया गया।
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इजरायल-ईरान तनाव में सैन्य हस्तक्षेप न करने की सलाह
रूस ने अभी तक अमेरिका की ईरान के खिलाफ कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, रूस ने पहले ही अमेरिका को इजरायल-ईरान तनाव में सैन्य हस्तक्षेप न करने की सलाह दे दी थी। गुरुवार को रूसी परमाणु ऊर्जा प्राधिकरण के प्रमुख ने चेतावनी दी थी कि अगर इजरायल ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमला करता है, तो इससे चेरनोबिल जैसी भयंकर परमाणु त्रासदी हो सकती है।
इससे पहले, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम का सुझाव दिया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा था कि पुतिन को पहले यूक्रेन संकट को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए।
