Explainer: क्या है SHANTI विजन? जिसके सहारे UN में चुनाव जीतने की तैयारी में भारत, जानिए जयशंकर का मास्टरप्लान
UNSC Election: भारत ने UNSC में 2028-29 के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य बनने का अभियान शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री जयशंकर के नेतृत्व में SHANTI विजन के साथ भारत की दावेदारी पेश की है।
- Written By: अक्षय साहू
भारत ने UNSC के अस्थायी सदस्य बनने के लिए दावेदारी पेश की (AI जेनरेटेड इमेज)
India UNSC Candidacy: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 2028-29 के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य बनने का अभियान शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘SHANTI’ विजन के साथ भारत की उम्मीदवारी पेश की है। इस सीट के लिए चुनाव जून 2027 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में गुप्त मतदान से होगा। भारत को इसमें जीतने के लिए कम से कम 128 से 129 देशों के समर्थन की जरूरत है।
जानकारी के मुताबिक, भारत को अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, फिजी और श्रीलंका समेत कई देशों का समर्थन मिल चुका है। हालांकि, एशिया-प्रशांत समूह की एकमात्र सीट के लिए भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा, जिससे चुनाव दिलचस्प माना जा रहा है। हालांकि, ताजिकिस्तान की तुलना में भारत की दावेदारी को ज्यादा मजबूत माना जा रहा है। आइए आपको बताते हैं कि भारत के लिए यह चुनाव क्यों अहम है? इसमें जीतने से भारत को क्या फायदें होंगे?
भारत की दावेदारी क्यों मजबूत?
भारत अब तक आठ बार UNSC का अस्थायी सदस्य रह चुका है और शांति मिशनों में उसका योगदान दुनिया में सबसे अहम माना जाता है। भारत ने 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तीन लाख से ज्यादा सैनिक भेजे हैं। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, समुद्री सुरक्षा, रंगभेद और उपनिवेशवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत लगातार सक्रिय रहा है। 2021-22 के कार्यकाल में भारत ने कोविड-19 के दौरान वैक्सीन कूटनीति के जरिए भी वैश्विक नेतृत्व दिखाया था।
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पहले भी UNSC का सदस्य रह चुका है भारत (AI जेनरेटेड इमेज)
भारत का लक्ष्य केवल दो साल के लिए अस्थायी सदस्य बनना नहीं, बल्कि सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता हासिल करना भी है। भारत का कहना है कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी, बड़ी अर्थव्यवस्था और वैश्विक शांति में योगदान को देखते हुए उसे स्थायी सीट मिलनी चाहिए। अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन भारत की दावेदारी का समर्थन करते हैं, जबकि चीन का रुख अब भी बड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील का G4 समूह भी सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग कर रहा है।
भारत और ताजिकिस्तान के बीच मुकाबला
UNSC में कैसे होता है चुनाव (AI जेनरेटेड इमेज)
UNSC की 10 अस्थायी सीटें अलग-अलग क्षेत्रीय समूहों के आधार पर बांटी जाती हैं। 2028-29 के कार्यकाल के लिए एशिया-प्रशांत समूह की एक सीट पर भारत और ताजिकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा में गुप्त मतदान से होगा और जीत के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी है। भारत का पिछला रिकॉर्ड मजबूत रहा है। 2021 के चुनाव में उसे 192 में से 184 वोट मिले थे। इसी कारण इस बार भी भारत को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
UNSC कैसे करता है काम?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य और 10 अस्थायी सदस्य शामिल हैं। स्थायी सदस्यों के पास वीटो का अधिकार होता है, जबकि अस्थायी सदस्य दो साल के लिए चुने जाते हैं और उन्हें वीटो नहीं मिलता। किसी भी प्रस्ताव को पारित करने के लिए कम से कम नौ वोट जरूरी होते हैं और किसी स्थायी सदस्य का वीटो नहीं होना चाहिए।
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भारत के लिए क्यों अहम है यह सीट?
UNSC की सदस्यता भारत को आतंकवाद, पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों और वैश्विक सुरक्षा जैसे विषयों पर अपनी बात मजबूती से रखने का अवसर देती है। इसके साथ ही भारत खुद को ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में स्थापित करना चाहता है। यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और ईरान-इजराइल तनाव जैसे मुद्दों पर भारत लगातार बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता रहा है।
