जंग अभी बाकी है…ईरान ने फिर बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, अमेरिका से शांति समझौते पर मंडरा रहा खतरा!
Strait of Hormuz: ईरान ने लेबनान में इजरायली हमलों और अमेरिका पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद करने की घोषणा की है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
होर्मुज स्ट्रेट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran on Strait of Hormuz: ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को घोषणा की कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को एक बार फिर बंद कर दिया गया है। सैन्य नेतृत्व ने इस फैसले के पीछे लेबनान में जारी इजरायली सैन्य कार्रवाई, युद्ध समाप्त कराने में विफलता और अमेरिका पर समझौतों को पूरा न करने के आरोपों को प्रमुख कारण बताया है।
सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में ईरानी सेना ने कहा कि अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान नहीं किया और उसके रवैये में स्पष्ट रूप से “बदनीयती” दिखाई दी है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई और आक्रामकता जारी रहती है तो आगे और कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।
स्विट्जरलैंड रवाना होगी वार्ता टीम
इस घोषणा के कुछ ही समय बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने जानकारी दी कि देश की वार्ता टीम स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होगी। यह यात्रा पहले शुक्रवार को प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में स्थगित कर दी गई थी।
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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संकेत दिया कि जब तक अमेरिका अपने वादों और दायित्वों को पूरी तरह लागू नहीं करता, तब तक किसी ठोस प्रगति की उम्मीद कम है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य दूसरी तरफ से किए गए वादों को पूरा कराने की मांग उठाना है।
बाघेई के अनुसार, किसी भी अंतिम समझौते की दिशा में बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है, जब लेबनान में संघर्ष रोकने समेत सभी प्रमुख प्रतिबद्धताओं को लागू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौते के किसी हिस्से का पालन नहीं किया गया तो पूरे मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर संकट खड़ा हो सकता है।
लेबनान में हमलों के बाद बदला समीकरण
सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने लगी थी। हालांकि शनिवार को दक्षिणी लेबनान में हुए इजरायली हमलों ने हालात को फिर से तनावपूर्ण बना दिया।
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रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संघर्ष विराम को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आ रहे थे। इसके बावजूद हमले जारी रहने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया। ईरान लंबे समय से लेबनान के संगठन हिज्बुल्लाह का समर्थन करता रहा है। ऐसे में तेहरान ने चेतावनी दी थी कि यदि इजरायल ने अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकी तो वह हालिया समझौतों से पीछे हट सकता है।
