ईरान के साथ जंग खत्म... अब होर्मुज से हटेगी अमेरिकी नौसेना; ट्रंप बोले- बहने दो तेल

Trump Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते की घोषणा की है। इसके तहत होर्मुज को फिर से खोला जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तुरंत हटा ली जाएगी।
Conflict with Iran over, US Navy to withdraw from Hormuz; Trump says, Let the oil flow.
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Iran Peace Deal Hormuz Reopening: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच एक व्यापक शांति समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस ऐतिहासिक समझौते के साथ ही पिछले कई महीनों से वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बना गतिरोध अब समाप्त होने की राह पर है।

ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पर बड़ा ऐलान

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के जरिए इस समझौते की जानकारी साझा की। उन्होंने बेहद उत्साहजनक लहजे में लिखा कि ईरान के साथ वार्ता अब पूरी हो चुकी है और उन्होंने इस प्रक्रिया में शामिल सभी पक्षों को बधाई दी है। ट्रंप ने घोषणा की कि वह Strait of Hormuz को 'टोल-फ्री' खोलने के लिए पूर्ण रूप से अधिकृत करते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अमेरिकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का निर्देश भी दे दिया है। ट्रंप ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को संदेश देते हुए लिखा, 'दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू करो। तेल को बहने दो!'।

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ट्रंप ट्रुथ पोस्ट

सैन्य अभियानों रोकने का आदेश

इस जटिल कूटनीतिक जीत के पीछे पड़ोसी देश पाकिस्तान की अहम भूमिका रही है। ट्रंप की घोषणा से कुछ ही देर पहले पाकिस्तान ने पुष्टि की थी कि दोनों देशों के बीच समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि गहन और लंबी वार्ता के बाद अमेरिका और ईरान शांति के लिए सहमत हुए हैं। शरीफ के अनुसार, यह समझौता न केवल द्विपक्षीय है, बल्कि दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी युद्धक मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने करने का निर्णय लिया है।

स्विट्जरलैंड में होंगे हस्ताक्षर

भले ही समझौते की घोषणा हो गई है, लेकिन इसका औपचारिक स्वरूप अभी बाकी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधि आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस शांति समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे। हालांकि, कुछ सवाल अभी भी बने हुए हैं।

इससे पहले ईरान ने पाकिस्तान के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई थी, जिससे समझौते की मजबूती को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई थीं। फिलहाल इस समझौते का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में जहाजों की आवाजाही के लिए किस समय खुलेगा।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?

होर्मुज दुनिया का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्ग माना जाता है। यह वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लगभग 20% हिस्से के लिए एकमात्र 'चोक पॉइंट' है। ज्ञात हो कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस मार्ग को बंद कर दिया था, जिसके जवाब में अप्रैल में पाकिस्तान में विफल वार्ता के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी थी। अब इस मार्ग के खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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