बैक-टू-बैक ब्लास्ट से दहला पाकिस्तान, बन्नू में आतंकियों ने गाड़ियों को बनाया निशाना; 7 लोगों ने गवांई जान

Pakistan Bannu Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में आतंकियों ने दो रिमोट-कंट्रोल धमाकों के जरिए वाहनों को निशाना बनाया है। इस भीषण आतंकी हमले में 7 लोगों की मौत हो गई।
Pakistan rocked by back-to-back blasts: Terrorists target vehicles in Bannu, 7 people lose their lives
सांकेतिक AI- फोटो
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Pakistan Bannu Blast 7 Killed: पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत एक बार फिर भीषण आतंकी हिंसा की चपेट में है। शनिवार, 20 जून 2026 को बन्नू जिले के वजीर सब-डिलीजन में आतंकवादियों ने बैक-टू-बैक रिमोट-कंट्रोल धमाके किए। इस हमले में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

रिमोट कंट्रोल से उड़ाईं सवारियों से भरी गाड़ियां

यह घटना  बन्नू के पहाड़ी और अर्ध-जनजातीय इलाके 'मरका बेरा' में घटी। पुलिस के अनुसार, आतंकियों ने फांग मूसा खेल इलाके में रिमोट-कंट्रोल ब्लास्ट के जरिए दो वाहनों को निशाना बनाया। पहला धमाका एक निजी डैटसन वाहन पर हुआ, जो यात्रियों को लेकर डोमेल की तरफ जा रहा था, तभी विस्फोट इतना भयंकर हुआ कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही 5 लोगों की जान चली गई।

घायलों को ले जाते समय हमला

आतंकियों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। जब पहले धमाके के शिकार लोगों और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी पहले घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा ब्लास्ट हुआ। इस दूसरे हमले में एक और वाहन नष्ट हो गया और 2 अन्य लोगों की मौत हो गई। बन्नू के डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर (DPO) यासिर अफरीदी ने इस दोहरे हमले की पुष्टि की है।

पूरे इलाके की घेराबंदी

घटना के बाद 'रेस्क्यू 1122' की टीमों ने पीड़ितों को डोमेल रूरल हेल्थ सेंटर और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन को आशंका है कि आतंकियों ने इलाके में और भी विस्फोटक उपकरण (IED) छिपाए हो सकते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'कायराना' कृत्य बताया है।

बन्नू में बढ़ता आतंक का ग्राफ हाल के महीनों में बन्नू जिले में आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है। पिछले महीने ही सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 25 आतंकी मारे गए थे, जबकि 12 जून को टारगेट किलिंग में दो पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। ताजा धमाकों ने एक बार फिर खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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