ट्रंप का होगा काम तमाम! ईरानी धर्मगुरु ने जारी किया फतवा, मुसलमानों से खास अपील

डोनाल्ड ट्रंप के विवादास्पद बयान के बाद ईरान में गुस्सा भड़क गया है। ईरानी धर्मगुरू नासिर मकारिम शिराजी ने ट्रंप और नेतन्याहू को अल्लाह का दुश्मन बताते हुए उनके खिलाफ धार्मिक फतवा जारी किया है।
ट्रंप का होगा काम तमाम! ईरानी धर्मगुरु ने जारी किया फतवा, मुसलमानों से की अपील
ईरानी धर्मगुरु अयातुल्ला नासिर मकारिम शिराजी (फोटो- सोशल मीडिया)
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तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। इसी बीच ईरान के वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला नासिर मकारिम शिराजी ने डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक धार्मिक फतवा जारी किया है।

शिराजी ने फतवे में ट्रंप और नेतन्याहू को अल्लाह का दुश्मन बताया है। इसके अलावा, उन्होंने दुनियाभर के मुसलमानों से एकजुट होकर ईरान पर किए गए हमले के खिलाफ दोनों देशों को मजबूर करने की अपील की है। यह फतवा ट्रंप के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने दावा किया है कि अगर वह नहीं होते तो खामेनेई बुरी मौत मारे जाते। इस बयान के बाद से ही ईरान गुस्से में है।

भुगतने होंगे भारी परिणाम

ईरानी धर्मगुरु अयातुल्ला नासिर मकारिम शिराजी ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जारी फतवा में कहा, “जो कोई भी ईरान के सर्वोच्च नेता या किसी मरजा को नुकसान पहुंचाने या धमकाने की कोशिश करता है, वह मोहरिब यानी जंग को पसंद करने वाला अपराधी होगा।”

इस्लामी कानून के अनुसार, किसी धार्मिक मुद्दे पर किसी योग्य इस्लामी विद्वान (मुफ्ती) द्वारा कानूनी राय या निर्णय देना फतवा कहा जाता है। लेकिन आज के समय में अधिकतर लोग इसका मतलब इस्लाम के खिलाफ काम करने वाले लोगों के विरुद्ध सजा के ऐलान की तरह देखते हैं। फतवा अक्सर किसी इस्लामी मुद्दे को लेकर जारी किया जाता है और इसे वरिष्ठ धर्मगुरु जारी करते हैं।

ईरान को इजराइल पर भरोसा नहीं

ईरान ने साफ किया है कि उसे इजराइल के सीजफायर पर भरोसा नहीं है। ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मूसवी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान से फोन बातचीत करते हुए सीजफायर पर अपना शक जाहिर किया है।

अब्दोलरहीम ने कहा कि जब ईरान अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में व्यस्त था, तब इजराइल ने उस पर हमला कर दिया और अमेरिका ने उसका साथ दिया। इससे पता चलता है कि ये दोनों देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून का पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि अगर हम पर हमला होता है, तो हम उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।

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