ईरान के हमले में कुवैती अधिकारियों की मौत, शोक में डूबा पूरे देश, गृह मंत्रालय ने दी श्रद्धांजलि
Israel-Iran War: ईरान ने कुवैत एयरपोर्ट पर ईंधन टैंकरों पर हमले किए, जिसमें दो कुवैती अधिकारी शहीद हुए। गृह मंत्रालय ने उनकी बहादुरी को सराहा और देश की सुरक्षा में उनकी शहादत को याद किया।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान के हमले में दो कुवैती अधिकारियों की मौत (सोर्स- सोशल मीडिया)
Two Kuwaiti Officials Dead in Iran Attack: ईरान ने आज कुवैत एयरपोर्ट पर ईंधन टैंकरों पर कई हमले किए। इस हमले में कुवैत के गृह मंत्रालय ने रविवार को अपने दोअधिकारियों के शहीद होने की जानकारी दी। मंत्रालय ने शहीद अधिकारियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान दी।
जानकारी के मुताबिक, शहीद होने वाले अधिकारियों की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्ला इमाद अल-शर्राह और कैप्टन फहद अब्दुलअजीज अल-मजमौद के रूप में हुई है। ये दोनों अधिकारी गृह मंत्रालय के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ लैंड बॉर्डर सिक्योरिटी में तैनात थे। मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, “दोनों अधिकारी आज सुबह तड़के अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए शहीद हुए थे। वे गृह मंत्रालय के सौंपे गए विशेष सुरक्षा कार्यों के तहत तैनात थे।”
मंत्रालय ने दी अधिकारियों को श्रद्धांजलि
गृह मंत्रालय ने शहीद अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा, “हम लैंड बॉर्डर सिक्योरिटी महानिदेशालय के लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्ला इमाद अल-शर्राह और कैप्टन फहद अब्दुलअजीज अल-मजमौद की शहादत पर शोक व्यक्त करते हैं।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुवैत के सुरक्षा बल पूरी बहादुरी के साथ देश की रक्षा में लगे हैं और वे अपनी मातृभूमि की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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ईरानी राष्ट्रपति ने एक दिन पहले मांगी थी माफी
इन हमलों की समय सीमा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि एक दिन पहले ही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों से माफी मांगी थी। उन्होंने अमेरिकी ठिकानों पर किए गए पिछले सप्ताह के ड्रोन और मिसाइल हमलों पर खेद जताया था। पेजेश्कियान ने यह कहा था कि जब तक ईरान पर हमला नहीं होगा, वह अपने पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बनाएगा।
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हालांकि, उनके बयान को लेकर ईरान में विवाद उत्पन्न हो गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के कुछ अधिकारियों ने इसे अव्यावहारिक बताया। बाद में राष्ट्रपति कार्यालय ने स्पष्ट किया कि उनका आशय यह था कि अगर क्षेत्रीय देश अमेरिका के हमलों में ईरान का साथ नहीं देंगे, तो ईरान भी उन पर हमला नहीं करेगा। इसी के तहत ईरान ने रविवार को भी पड़ोसी देशों पर हमले जारी रखे हैं। जो दिखाता है कि ईरान किसी भी हाल में युद्ध से पीछे नहीं हटने वाला।
