Iran Surrender: राष्ट्रपति पेजेशकियान की पड़ोसी दशों से माफी पर डोनाल्ड ट्रंप का तीखा तंज

Iran President Apology: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए शांति की अपील की है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की हार और पूर्ण आत्मसमर्पण करार दिया है।
Iran Surrenders: President Pezeshkian Apologizes as Donald Trump Mocks Tehran 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran Middle East Crisis Surrender: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए पड़ोसी देशों से सार्वजनिक माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान अब किसी भी पड़ोसी मुल्क पर तब तक हमला नहीं करेगा जब तक कि वहां से उस पर हमला न हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को ईरान का आत्मसमर्पण बताया है और कहा है कि ईरान अब इस क्षेत्र का शक्तिशाली खिलाड़ी नहीं रहा। यह घटनाक्रम इजरायली और अमेरिकी हमलों में ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान की बदलती रणनीति को दर्शाता है।

राष्ट्रपति की माफी और शांति की पहल

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शुक्रवार को अपने पड़ोसी देशों के प्रति एक नरम रुख अपनाते हुए शांति और सुलह का संदेश दिया है। उन्होंने नेतृत्व परिषद के निर्णय की घोषणा की कि तेहरान अब पड़ोसी राज्यों के खिलाफ किसी भी प्रकार के मिसाइल हमले या आक्रमण को अंजाम नहीं देगा। यह कदम क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है जो हालिया भीषण सैन्य हमलों के बाद चरम पर था।

ट्रंप का तीखा हमला और सोशल मीडिया पोस्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस माफीनामे पर चुटकी लेते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर एक लंबी पोस्ट साझा की है। ट्रंप ने लिखा कि जो ईरान कभी मध्य पूर्व का 'दादा' बनने का सपना देखता था, वह अब बुरी तरह हार कर आत्मसमर्पण कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि हजारों सालों में यह पहली बार है जब ईरान अपने पड़ोसी देशों के सामने इस तरह से झुकने को पूरी तरह मजबूर हुआ है।

खामेनेई की मौत और ईरान की मजबूरी

ईरान का यह बदला हुआ रुख पिछले सप्ताह हुए अमेरिका और इजरायल के उन भीषण हवाई हमलों का सीधा परिणाम है जिसमें भारी नुकसान हुआ था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और सैकड़ों अन्य लोग मारे गए थे, जिससे देश के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा खालीपन आ गया। ट्रंप का मानना है कि निरंतर हो रहे सैन्य दबाव और भारी जनहानि के कारण ही ईरान को अंततः अपने अहंकार को त्यागना पड़ा है।

भविष्य की चेतावनी और विनाश का खतरा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने पूरी तरह आत्मसमर्पण नहीं किया तो वह पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में ईरान पर और भी बड़े हमले हो सकते हैं, जिसमें उन क्षेत्रों को निशाना बनाया जाएगा जो अब तक बचे थे। दुनिया अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या राष्ट्रपति पेजेशकियान का यह शांति प्रस्ताव सचमुच इस विनाशकारी युद्ध को रोकने में सफल हो पाएगा।

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