World War 2 के बाद होता सबसे बड़ा हमला! बातचीत से पहले ट्रंप ने ईरान को उकसाया
World War 2: अमेरिका और ईरान के बीच 5 महीने से जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला टाल दिया है। अब दोनों देशों में शांति वार्ता होगी।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा ख़ामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Cancels The Biggest Military Strike Since World War 2: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 5 महीने से बहुत ही ज्यादा तनाव चल रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को हैरान करने वाला एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा और विनाशकारी सैन्य हमला करने वाले थे। लेकिन अब उन्होंने बड़े विनाश को रोकने के लिए इसे पूरी तरह टाल दिया है।
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी इस खौफनाक सैन्य योजना का बहुत बड़ा खुलासा किया। उनका कहना था कि अगर अमेरिका यह बड़ा हमला करता तो ईरान को दोबारा बसने में सालों लग जाते। इसलिए कई निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए उन्होंने कूटनीति का रास्ता चुना है। आज से अमेरिका और ईरान के बीच इस गंभीर मुद्दे पर बहुत अहम बातचीत शुरू होने जा रही है।
कूटनीति के रास्ते पर अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले कई हफ्तों से लगातार जारी इस टकराव को कूटनीति से सुलझाने का फैसला लिया है। पश्चिम एशिया में बीते पांच महीने से युद्ध जैसे भयंकर हालात बने हुए हैं। कभी बातचीत की स्थिति बनती है, तो कभी हमले शुरू होते ही हालात दोबारा बुरी तरह से बिगड़ जाते हैं। अब अमेरिका ने इस हिंसक चक्र को तोड़कर शांति का नया और बहुत मजबूत रास्ता चुनने का मन बना लिया है।
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भयंकर विनाश को रोकने का फैसला
एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि यह हमला ईरान के लिए बेहद विनाशकारी साबित होता। अगर यह हमला होता तो ईरान को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने में कई साल लग जाते। ट्रंप ने कहा कि युद्ध में बहुत सारे लोग मारे जाते हैं, इसलिए मैं लोगों की जान बचाना चाहता हूं। भयंकर विनाश को टालने और शांति स्थापित करने के लिए यह बहुत ही बड़ा फैसला लिया गया।
क्राउन प्रिंस का मिला समर्थन
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित अन्य अहम सहयोगी देशों ने भी ट्रंप के इस बड़े फैसले का समर्थन किया है। ट्रंप ने दावा किया कि खाड़ी देशों ने ईरान के साथ पांच महीने लंबे इस युद्ध को खत्म करने की रूपरेखा पर सहमति जताई है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से बताया कि वह फिलहाल ईरान पर किसी भी नए सैन्य हमले का आदेश नहीं देंगे। उन्होंने दुनिया के हित और समृद्ध ईरान के लिए यह हमला रोका है।
होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोला जाएगा
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि इस शांति समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोल दिया जाएगा। यह एक बहुत ही अहम समुद्री रास्ता है जिसे खोलने से दुनिया को बड़ी राहत मिलेगी। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वे युद्ध के बजाय हमेशा एक शांतिपूर्ण समझौता करना ज्यादा पसंद करते हैं। यह रोक तभी लागू रहेगी जब बहुत जल्द ही दोनों देशों के बीच एक नया और ठोस समझौता हो जाए।
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ईरान ने जताया गहरा अविश्वास
अमेरिका की इस पूरी बातचीत और दावों पर ईरान के रक्षा मंत्री ने अपनी बहुत ही कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका साफ कहना है कि ईरान को अमेरिका के इन वादों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। रक्षा मंत्री ने कहा कि ट्रंप की हालिया घोषणा से ईरान बिल्कुल हैरान नहीं है और न ही कोई ढिलाई बरत रहा है। अमेरिका से मिलने वाली लगातार धमकियों के बीच ईरान की सेना पूरी तरह से सजग और सतर्क है।
