नवलपरासी में भारतीय जवानों पर नेपाल ने लगाया बांध तोड़ने का बड़ा आरोप, India-Nepal संबंधों में बढ़ा तनाव
India-Nepal Border: नवलपरासी में भारत-नेपाल सीमा पर तनाव पैदा हो गया है। नेपालियों ने भारतीय जवानों पर नारायणी नदी के पानी को रोकने वाले मिट्टी के बांध को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।
- Written By: प्रिया सिंह
भारत-नेपाल सीमा पर तनाव (सोर्स- सोशल मीडिया)
India-Nepal Border Tension Rises As Nepal Accuses Indian Personnel: एक बार फिर से पड़ोसी देशों के बीच भारी तनाव का नया माहौल बन गया है। नवलपरासी वेस्ट के सुस्ता इलाके में नेपाल के स्थानीय लोगों ने भारतीय जवानों पर एक बहुत ही गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने उनके इलाके में जबरन घुसकर एक अस्थायी मिट्टी के बांध को पूरी तरह से तोड़ दिया है। यह बांध स्थानीय लोगों ने नारायणी नदी की भयंकर बाढ़ के पानी को अपनी बस्तियों में घुसने से रोकने के लिए खुद बनाया था।
इस बड़ी घटना के बाद भारत और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अचानक फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भारतीय जवान सादे कपड़ों में वहां फावड़े लेकर आए तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच बांध को लेकर काफी देर तक जमकर बहस और तीखी कहासुनी भी हुई जिससे हालात बिगड़ गए। बाद में नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स ने तुरंत मौके पर पहुंचकर वहां की गंभीर स्थिति को बहुत ही शांति से संभाला।
वायरल वीडियो से सामने आई बात
काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट में घटना से जुड़े एक वायरल वीडियो का प्रमुख रूप से हवाला दिया गया है। वीडियो में सुस्ता इलाके के निवासियों और भारतीय जवानों के बीच हो रहे भारी विवाद को साफ तौर पर देखा जा सकता है। नेपाली ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि भारतीय जवान जानबूझकर नेपाल के इलाके में घुसे और उनके बांध को नुकसान पहुंचाया। यह बांध उनके घरों की सुरक्षा के लिए एक बेहद अहम संरचना थी जिसे बचाना उनके लिए बहुत ज्यादा जरूरी था।
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आर्म्ड फोर्स का गंभीर दावा
नेपाली आर्म्ड फोर्स के सुस्ता प्रोटेक्शन कैंपेन के प्रवक्ता रवींद्र जायसवाल ने इस पूरे मामले पर अपनी अहम प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों ने मजबूरी में मिट्टी का यह अस्थायी बांध बनाया था क्योंकि भारत ने पक्का ढांचा रोकने को कहा था। जब बाढ़-रोधी पक्का बांध बनाने का काम रुक गया, तो लोगों ने बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए यह उपाय किया था। इसके बाद सादे कपड़ों में भारतीय सुरक्षाकर्मी वहां आए और उस मिट्टी के ढेर को फावड़े से पूरी तरह खोदने लगे।
अधिकारियों के बीच होगी बातचीत
चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर दीपक राज नेपाल ने भी इस पूरी घटना और दोनों पक्षों के बीच हुए भारी विवाद की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सीमा पर हुए इस नए विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के अधिकारी आपस में बहुत जल्द अहम बैठक करेंगे। उम्मीद है कि सोमवार को दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर एक बहुत ही सार्थक और शांतिपूर्ण बातचीत होगी। इस अहम बातचीत के बाद ही भारत-नेपाल सीमा पर पैदा हुए इस ताजा तनाव का कोई स्थायी और बेहतर समाधान निकल पाएगा।
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ग्रामीणों का भारी विरोध प्रदर्शन
नवलपरासी वेस्ट के सुस्ता इलाके के स्थानीय निवासियों ने इस घटना को लेकर अपना बहुत ही भारी विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया है। नेपाली ग्रामीणों का स्पष्ट रूप से कहना है कि विदेशी सुरक्षाकर्मी उनके इलाके में घुसकर उनकी सुरक्षा संरचनाओं को आसानी से तोड़ नहीं सकते।
जब भारतीय जवान फावड़े लेकर उस अस्थायी बांध को नुकसान पहुंचाने लगे, तो पूरा गांव उन्हें रोकने के लिए एकजुट हो गया था। स्थानीय लोग किसी भी कीमत पर अपनी जमीन और बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए इस बांध की पूरी सुरक्षा चाहते हैं।
