China Surveillance: लीक डेटाबेस से बड़ा खुलासा, जानिए चीन कैसे रखता है विदेशियों की हर पल की खबर
China Surveillance: चीन का सीक्रेट डेटाबेस लीक हो गया है। इससे बड़ा खुलासा हुआ है कि ड्रैगन न सिर्फ अपने नागरिकों बल्कि वहां रहने वाले विदेशी लोगों की भी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखता है।
- Written By: प्रिया सिंह
चीन सर्विलांस (सोर्स- सोशल मीडिया)
China Surveillance NYT Report Shows Leaked Data On How Dragon Tracks Foreigners Data: चीन अपने नागरिकों के साथ वहां रहने वाले विदेशी लोगों पर भी नजर रखता है। रिपोर्ट से पता चला है कि चीन विदेशी नागरिकों की पल-पल की जानकारी जुटाता है। एक विदेशी पत्रकार मार्क होफर को वेबसाइट पर अपनी तस्वीर मिली, जिससे इस खौफनाक चीनी निगरानी का पर्दाफाश हुआ है।
इस सीक्रेट सिस्टम का नाम डायनेमिक कंट्रोल प्लेटफॉर्म फॉर ओवरसीज पर्सनल बताया गया है। यह प्लेटफॉर्म झांगजियाकौ शहर में विदेशियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बनाया गया था। साइबर सुरक्षा रिसर्चर्स की इस खोज से पता चला कि सिस्टम में 12 हजार रिकॉर्ड थे, जिनमें 700 से ज्यादा विदेशियों की जानकारी शामिल थी।
डेटाबेस में छिपी निजी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक यह निगरानी सिस्टम विदेशियों के पसंदीदा स्थानों और अस्पताल जाने का रिकॉर्ड रखता था। लोगों के गैस बिल, फ्लाइट की जानकारी और सीट नंबर तक इसमें दर्ज थे। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि वेबसाइट पर पासवर्ड पहले से भरे हुए थे।
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कंपनी और सिस्टम का कनेक्शन
इस प्लेटफॉर्म और बीजिंग की कंपनी ओरिजिन डायनेमिक के बीच मजबूत संबंधों के सबूत मिले हैं। यह कंपनी मुख्य रूप से पुलिस विभागों को निगरानी उपकरण बेचती है। दस्तावेजों के अनुसार कंपनी ने 2023 में गैर-चीनी नागरिकों के लिए एक खास इन्फॉर्मेशन इंटरफेस पेटेंट कराया था।
किन देशों पर है खास नजर
डेटाबेस में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के लोगों को फाइव आइज एलायंस ग्रुप में रखा गया था। पाकिस्तान और इजरायल जैसे देशों के नागरिकों के लिए ‘प्रमुख देश’ की कैटेगरी बनी थी। विदेशी छात्रों और प्रमुख व्यक्तियों नाम की एक अलग कैटेगरी भी सिस्टम में बनाई गई थी।
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भारतीय छात्रों पर भी निगरानी
झांगजियाकौ की हेबेई नॉर्थ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले भारत और पाकिस्तान के छात्र भी इस रिकॉर्ड में शामिल थे। उनकी गुप्त फाइलों में नाम और पासपोर्ट नंबर के अलावा धर्म और वैवाहिक स्थिति भी दर्ज थी। कैंपस में आते समय कैमरों ने उन्हें कब रिकॉर्ड किया, इसकी पूरी जानकारी मौजूद थी।
