कराची के एयरस्पेस के पास इंडियन एयरफोर्स ने शुरू किया युद्धाभ्यास, NOTAM किया जारी

IAF Military Drill: भारतीय वायु सेना ने गुजरात और राजस्थान के पास अरब सागर क्षेत्र में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया, जबकि भारतीय सेना अमेरिका के साथ अलास्का में 'युद्ध अभ्यास 2025' में भाग ले रही है।
कराची के एयरस्पेस के पास इंडियन एयरफोर्स ने शुरू किया युद्धाभ्यास, NOTAM किया जारी
अरब सागर में वायु सेना ने शुरू किया दो दिवसीय अभ्यास (फोटो- सोशल मीडिया)
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IAF Military Drill in Pakistan Border: भारतीय वायु सेना (IAF) ने मंगलवार को गुजरात और राजस्थान के पास अरब सागर क्षेत्र में दो दिवसीय सैन्य अभ्यास शुरू किया। वायु सेना का यह अभ्यास 2 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होकर अगले दिन 3 सितंबर को दोपहर 2 बजे समाप्त होगा।

जिस क्षेत्र में यह अभ्यास किया जा रहा है, वह पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के काफी करीब स्थित है। वायु सेना के अनुसार, यह एक नियमित अभ्यास है और इसके लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह भारतीय वायु सेना का अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास है।

अमेरिका के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी

इसके अलावा, भारतीय सेना अमेरिका के अलास्का में एक द्विपक्षीय युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही है, जिसमें तोपखाने, विमानन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का एकीकृत उपयोग किया जाएगा। यह अभ्यास 1 सितंबर से शुरू होकर 14 सितंबर तक चलेगा। 'युद्ध अभ्यास 2025' नामक इस भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास का यह 21वां संस्करण है, जो अलास्का के फोर्ट वेनराइट में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच कूटनीतिक संबंधों में कुछ खिंचाव देखा जा रहा है, खासकर अमेरिकी व्यापार और टैरिफ नीतियों के कारण।

क्या होता है NOTAM?

NOTAM एक प्रकार की सूचना होती है, जो विमानन से जुड़े व्यक्तियों को किसी विशेष क्षेत्र या स्थिति में अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के बारे में सतर्क करती है। ये सूचनाएं आमतौर पर किसी हवाई अड्डे, सेवा, प्रक्रिया, या संभावित खतरे से संबंधित होती हैं, जिनका असर राष्ट्रीय वायु क्षेत्र प्रणाली (NAS) पर पड़ सकता है।

NOTAM में विशिष्ट संक्षिप्त शब्दों और प्रारूपों का उपयोग किया जाता है ताकि सूचनाएं शीघ्र और प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सकें। इन्हें अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार हवाई अड्डा प्राधिकरण और संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी किया जाता है। भारतीय सेना की ओर से इस अभ्यास में मद्रास रेजिमेंट की एक बटालियन की टुकड़ी भाग ले रही है, जबकि अमेरिका की ओर से 11वीं एयरबोर्न डिवीजन की आर्कटिक वोल्व्स ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के अंतर्गत आने वाली पहली बटालियन, 5वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट (उपनाम 'बॉबकैट्स') के सैनिक भाग ले रहे हैं।

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