भारत की ट्रंप को खुश करने की और कोशिश, टैरिफ के बाद भी अमेरिकी हथियार खरीदेगी सरकार
India US Relations: भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी द्विपक्षीय संबंधों का अहम स्तंभ है, जिसे मजबूत करने के लिए अमेरिकी रक्षा नीति टीम जल्द भारत आएगी और 'युद्ध अभ्यास' इस माह के अंत में अलास्का में होगा।
- Written By: अक्षय साहू
सांकेतिक तस्वीर
India-US Arms Deal: भारत ने गुरुवार को कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी द्विपक्षीय संबंधों का एक अहम स्तंभ है और इसी कड़ी में जल्द ही एक अमेरिकी रक्षा नीति टीम नई दिल्ली का दौरा करेगी। दोनों देश अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग सभी क्षेत्रों में मजबूत हुआ है और रक्षा खरीद प्रक्रिया स्थापित प्रक्रियाओं के तहत जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का आयोजन इस माह के अंत में अलास्का में किया जाएगा।
अमेरिका से मजबूत हुए रिश्ते
उन्होंने कहा, “भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी, जो आधारभूत रक्षा समझौतों पर आधारित है, हमारे द्विपक्षीय रिश्तों का एक अहम स्तंभ है। यह सहयोग सभी क्षेत्रों में मजबूत हुआ है। हमें उम्मीद है कि मध्य अगस्त में अमेरिकी रक्षा नीति टीम दिल्ली आएगी। इसके अलावा, इस माह के अंत में कार्य-स्तर पर 2+2 इंटरसेशनल बैठक आयोजित करने पर भी बातचीत जारी है।”
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जायसवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना करते हुए मजबूती से कदम बढ़ाए हैं। दोनों देशों के रिश्ते साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत जन-से-जन संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर आगे बढ़ती रहेगी।
ट्रंप ने लगाया भारत पर 25 फीसदी टैरिफ
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत द्वारा रूसी तेल के आयात को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क बढ़ाने का ऐलान किया था। यह बढ़ोतरी 20 जुलाई से लागू 25 प्रतिशत शुल्क के अतिरिक्त है। इके अलावा ट्रंम ने भारत पर युक्रेन युद्ध को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया था।
ट्रंप ने कहा था कि भारत रूस से तेल खरीदता है, जिस पैसे की मदद से रूस हथियार बनाता है। और यूक्रेन पर हमला करता है और लाखों लोगों की जान लेता है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी भारत को इससे कोई फर्क नही पड़ता।
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भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका द्वारा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने इसे “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक” करार दिया था और कहा था कि भारत की ऊर्जा जरूरतों और रणनीतिक स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
