

Nepal U Turn Border Dispute: नेपाल-भारत सीमा विवाद में तीसरे देश की मध्यस्थता मामले में नेपाल सरकार यू-टर्न ले लिया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशर खनाल ने बताया कि सरकार पड़ोसी देश के साथ सीमा विवाद आपसी बातचीत करके सुलझाना चाहती है। बुधवार को नेपाली संसद में संबोधित करते हुए खनाल ने कहा कि नेपाल-भारत के बीच सीमा विवाद दोनों देश के बीच का मामला है। नेपाल समझौतों, ऐतिहासिक संधियों और नक्शों के आधार पर कूटनीतिक बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।
संबोधन के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि नेपाल-भारत के बीच सीमा कार्य समूह और अन्य निकायों ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है जहां प्रगति काफी समय से रुकी थी।
बता दें, पिछले हफ्ते ही नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने समकक्ष विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात भी की थी। मीडिया एजेंसी से बातचीत में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारतीय इलाके पर नेपाल के कब्जे के बारे में दिए गए बयान पर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा, "मेरे विदेश मंत्रालय ने इस पर पहले ही साफ कर दिया है। प्रधानमंत्री उस समय बोल रहे थे जब वे सीमा-पार कब्जे से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे। इसलिए हमने इस बारे में पहले ही साफ कर दिया है।"
भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से सदियों से रहा है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है। सदियों से ही नेपाल-भारत में रोटी-बेटी का संबंध रहा है। पिछले कई वर्षों से भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद चल रहा है। इसको लेकर दोनों देशों के बीच समय-समय पर तनाव भी सामने आया।
हाल ही में नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने यह कहकर सनसनी मचा दी कि भारत ही नहीं नेपाल ने भी भारत की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता के लिए ब्रिटेन से आग्रह भी किया था, जिसे ब्रिटेन ने ठुकरा दिया था। विशेषज्ञों की मानें तो नेपाल ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की थी, लेकिन उनका यह दांव उल्टा पड़ गया।