भारत-अफगान गठबंधन से भड़का पाकिस्तान, तालिबानी विदेश मंत्री मुत्तकी ने कहा- ‘हमारी नीति स्वतंत्र’
Pakistan Afghan Tension: भारत-अफगानिस्तान की बढ़ती साझेदारी से परेशान पाकिस्तान को अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने कड़ा जवाब देते हुए कह कि अफगान नीति स्वतंत्र है और वह किसी भी देश से संबंध...
- Written By: अमन उपाध्याय
भारत-अफगान गठबंधन से भड़का पाकिस्तान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Afghanistan Relations: भारत और अफगानिस्तान की बढ़ती नजदीकियों से पाकिस्तान की बेचैनी एक बार फिर खुलकर सामने आई है। नई दिल्ली और काबुल के बीच विकसित होते रिश्तों पर लगातार टिप्पणी कर रहे पाकिस्तान को अब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने तीखा और स्पष्ट संदेश देकर उसकी आलोचना पर विराम लगा दिया है।
मुत्तकी ने साफ कहा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति किसी भी बाहरी दबाव या आलोचना से प्रभावित नहीं होती और काबुल अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर संबंध तय करता है।
मजबूत होते संबंधों को लेकर सवाल
पाकिस्तान ने हाल ही में भारत-अफगानिस्तान के मजबूत होते संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुत्तकी ने करारा जवाब दिया कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता और स्वतंत्र नीति के तहत किसी भी देश से राजनीतिक और आर्थिक रिश्ते बना सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के साथ अफगानिस्तान के संबंध व्यवहारिक, रचनात्मक और पारस्परिक हितों पर आधारित हैं।
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मुत्तकी ने पाकिस्तान के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पहले पाकिस्तान ने हमें TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के लिए दोषी ठहराया, फिर BLA (बलूच लिबरेशन आर्मी) के लिए और अब वे भारत को दोष दे रहे हैं। यह वही पाकिस्तान है जिसका भारत में दूतावास मौजूद है, तो फिर अफगानिस्तान को भारत से संबंध रखने पर आपत्ति क्यों?
हर स्तर पर सहयोग जारी
उन्होंने आगे कहा कि अफगानिस्तान अपने हितों को समझते हुए भारत के साथ हर स्तर पर सहयोग जारी रखेगा। मुत्तकी के अनुसार राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर भारत का सहयोग अफगानिस्तान के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, और काबुल इस दिशा में आगे बढ़ने से पीछे नहीं हटेगा।
अफगान विदेश मंत्री का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि तालिबान शासन अब पाकिस्तान की पुरानी दबाव नीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। क्षेत्रीय कूटनीति में अफगानिस्तान अपना अलग और स्वतंत्र स्थान बनाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान की बार-बार की आलोचना और आरोपों के जवाब में मुत्तकी का यह रुख न सिर्फ अफगानिस्तान की संप्रभुता पर जोर देता है बल्कि दक्षिण एशिया की बदलती रणनीतिक तस्वीर को भी उजागर करता है।
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विश्लेषकों का मानना है कि भारत-अफगानिस्तान संबंधों में बढ़ती गर्माहट पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इससे उसकी रणनीतिक बढ़त कमजोर होती दिख रही है। वहीं, अफगानिस्तान का यह नया आत्मविश्वास बताता है कि वह अब अपने निर्णय खुद लेना चाहता है, चाहे उससे पड़ोसी असहज ही क्यों न हों।
