जंग के बीच इंसानियत की मिसाल, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच दोनों देशों ने मानवीय सहयोग का एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को रूस ने पूर्वी मोर्चे पर युद्ध में मारे गए 1,212 यूक्रेनी सैनिकों के शव वापस कर दिए हैं, जबकि उन्हें इसके बदले में 27 शव मिले हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की ने अपने टेलीग्राम चैनल पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “इस्तांबुल समझौते के तहत मृत सैनिकों के शवों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।”
2 जून को इस्तांबुल में हुए यूक्रेन-रूस वार्ता के दूसरे दौर में रूसी प्रतिनिधि मेडिंस्की ने बिना शर्त यूक्रेन को 6,000 शव लौटाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, उन्होंने यूक्रेन से रूसी सैनिकों के शव वापस करने का अनुरोध भी किया।
इस बैठक में दोनों देशों ने इस्तांबुल समझौते के तहत 25 साल से कम उम्र के युद्धबंदियों के दो समूहों की अदला-बदली भी की। रूसी सरकारी रेडियो ‘वेस्टी एफएम’ के मुताबिक, मेडिंस्की ने बताया कि 12 जून को गंभीर रूप से घायल युद्धबंदियों की अदला-बदली की तैयारी चल रही है, जिन्हें तुरंत अस्पताल में इलाज की जरूरत है।
रूस यूक्रेन पर लगातार जानलेवा ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है। हाल ही में हुए इन हमलों में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है और बड़ी संख्या में लोग जख्मी हुए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस की इन कार्रवाइयों पर गुस्सा जताया है। उन्होंने कहा कि अब हर दिन रूस की ओर से नई बर्बर हमले हो रहे हैं, और लगभग हर हमला अपने पीछे एक दर्दनाक कहानी छोड़ जाता है।
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रूस अक्सर यूक्रेन पर रात के समय हमले करता है, जो सुबह तक चलते रहते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि अंधेरे में ड्रोन की पहचान करना कठिन होता है। रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक 12,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। हालांकि, रूस का दावा है कि वह केवल सैन्य लक्ष्यों पर ही हमला करता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)