ईरान में विरोध प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Protest Against Ayatollah Ali Khamenei: ईरान में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन तेजी से फैलते जा रहे हैं, जिनमें लोग सरकार के खिलाफ अपनी नफरत और असंतोष को जाहिर कर रहे हैं। ये प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के शासन के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े आंदोलन के रूप में सामने आए हैं। इन प्रदर्शनों की शुरुआत महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ हुई थी, लेकिन अब यह एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष में बदल चुका है।
ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों में हर उम्र और वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं, और वे खामेनेई की सरकार को उखाड़ फेंकने के नारे लगा रहे हैं।इस आंदोलन का सबसे शक्तिशाली प्रतीक एक वायरल वीडियो है जिसमें एक बुजुर्ग महिला सरकार विरोधी नारे लगाते हुए तेहरान की सड़कों पर चल रही है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला के मुंह से खून बह रहा है, लेकिन फिर भी वह अपने नारे जारी रखती है। उसने कहा, “मैं डरती नहीं हूं. मुझे मरे हुए 47 साल हो गए हैं।” इस बयान को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए ईरानी पत्रकार और एक्टिविस्ट मासिह अलीनेजाद ने लिखा, “यह ईरान की एक महिला की आवाज है, जो इस्लामिक रिपब्लिक से तंग आ चुकी है।” अलीनेजाद ने यह भी कहा कि 47 साल पहले इस्लामिक गणराज्य ने ईरानियों के अधिकार छीन लिए थे और अब लोग इसके खिलाफ खड़े हो गए हैं क्योंकि उन्हें अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा है।
I’m not afraid. I’ve been dead for 47 years this is the voice of a woman in Iran who is fed up with the Islamic republic.
47 years ago, the Islamic Republic took our rights and turned a nation into hostages.
Today people have nothing left to lose, they rise.
Iran is rising. pic.twitter.com/GAawmynE0C — Masih Alinejad 🏳️ (@AlinejadMasih) January 8, 2026
हालांकि कुछ शहरों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जैसे ईरान के इस्फहान और डेजफुल में, लेकिन कई स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। उदाहरण के लिए, तेहरान और मशहद में गुरुवार को हुए प्रदर्शन शांति से हुए, जिनमें प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज उठाई और सुरक्षा बलों से किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं हुआ।
तेहरान में एक दिलचस्प घटना भी हुई, जब निर्वासन में रह रहे क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने रात 8 बजे लोगों से बाहर निकलने की अपील की और ठीक उसी समय शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में लोग “शाह लंबे समय तक जीवित रहें” और “यह अंतिम लड़ाई है! पहलवी वापस आएगा” जैसे नारे लगाते हुए दिख रहे थे।
JUST IN: 🇮🇷 Protestors burn #Iranian security forces vehicles in the streets of #Iran 🇮🇷#IranProtests pic.twitter.com/G6qdl1FSgi — Mahalaxmi Ramanathan (@MahalaxmiRaman) January 9, 2026
हिंसक प्रदर्शनकारियों ने इस्फहान में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के ब्रॉडकास्टिंग भवन को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारी “तानाशाह मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे थे और दावा कर रहे थे कि उन्होंने शहर पर नियंत्रण कर लिया है। डेज़फुल में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच गोलीबारी की भी खबरें आईं, जो इस आंदोलन के बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
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मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, इस आंदोलन में अब तक कम से कम 45 लोग मारे जा चुके हैं, जिसमें आठ बच्चे भी शामिल है। इसके अलावा 2,270 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह प्रदर्शनों की हिंसा को लेकर एक गंभीर स्थिति को दर्शाता है, जिससे ईरान में असंतोष और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ईरान के नागरिक अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं।