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Bangladesh में हिंदू नरसंहार पर वैश्विक प्रवासियों की पीएम मोदी से अपील, कर रहे कार्रवाई की मांग

Bangladesh Hindu Violence: वैश्विक हिंदू प्रवासियों ने पीएम मोदी को पत्र लिखा और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को रोकने की मांग की। उन्होंने UN की निगरानी में सेफ जोन बनाने की अपील की।

  • By प्रिया सिंह
Updated On: Jan 11, 2026 | 01:05 PM

वैश्विक हिंदू प्रवासियों ने पीएम मोदी को लिखा पत्र (सोर्स-सोशल मीडिया)

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PM Modi letter Bangladesh Hindu atrocities: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ लगातार बढ़ती हिंसा ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। विश्व हिंदू प्रवासियों के एक बड़े समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पड़ोसी देश में बिगड़ते हालातों पर तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। इस पत्र में हिंदुओं की हत्याओं, भीड़ द्वारा किए जा रहे हमलों और मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। प्रवासियों ने भारत सरकार से मांग की है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाए और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर राजनयिक दबाव बनाए ताकि निर्दोष अल्पसंख्यकों की जान बचाई जा सके।

हिंसा का खौफनाक मंजर

चिट्ठी में दीपू चंद्र दास की लिंचिंग और उन्हें जिंदा जलाए जाने जैसी रूह कंपा देने वाली घटनाओं का जिक्र किया गया है। प्रवासियों का कहना है कि अगस्त 2025 से हिंदुओं के खिलाफ अत्याचारों में तेजी आई है और दिसंबर से फैलाया गया आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मनगढ़ंत ईशनिंदा के आरोपों के आधार पर भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं ने वहां के अल्पसंख्यकों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है।

इतिहास की कड़वी यादें

हिंदू प्रवासियों ने 1950 के नेहरू-लियाकत समझौते की विफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास ने बार-बार हिंदुओं को अकेला छोड़ा है। पत्र में 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद की उन परिस्थितियों की ओर भी इशारा किया गया है जब शरणार्थियों को वापस भेज दिया गया था लेकिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई। उनका तर्क है कि मौजूदा हालात एक सोचे-समझे नरसंहार की ओर बढ़ रहे हैं जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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धार्मिक संतों पर प्रहार

इस्कॉन के वरिष्ठ संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें बार-बार जमानत न मिलने का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के समक्ष उठाया गया है। प्रवासियों का आरोप है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार सांप्रदायिक हिंसा को स्वीकार करने से इनकार कर रही है, जिससे कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा मिल रहा है। पत्र के अनुसार जून 2025 तक अल्पसंख्यकों पर 2,442 से अधिक हमले हुए हैं जिनमें अधिकांश शिकार हिंदू परिवार ही बने हैं।

मानवीय कॉरिडोर की मांग

वैश्विक हिंदू प्रवासियों ने भारत सरकार से बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए एक सुरक्षित मानवीय कॉरिडोर और शरणार्थी शिविर बनाने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक ‘सेफ जोन’ बनाया जाए ताकि जो लोग भारत आना चाहते हैं वे सुरक्षित रूप से सीमा पार कर सकें। बिना किसी सुरक्षा घेरे के हजारों हिंदू परिवार वर्तमान में अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: South Africa के जंगलों में लगी आग, वेस्टर्न केप में 1 लाख हेक्टेयर जमीन खाक, सुरक्षित निकाले गए लोग

अमेरिका में मौन विरोध

जागरूकता बढ़ाने के लिए हिंदू समूहों ने 31 जनवरी 2026 को अमेरिका के प्रमुख शहरों में बड़े स्तर पर मौन विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। आयोजकों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश देना है कि बांग्लादेश में हो रही इस हिंसा को अब अनदेखा करना असंभव है। वे चाहते हैं कि नई दिल्ली इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में नेतृत्व करे और कट्टरपंथी संगठनों पर आर्थिक व राजनयिक प्रतिबंध लगाए।

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Frequently Asked Questions

  • Que: हिंदू प्रवासियों ने पीएम मोदी से मुख्य रूप से क्या मांग की है?

    Ans: प्रवासियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए मानवीय कॉरिडोर, शरणार्थी शिविर और संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में सेफ जोन बनाने की मांग की है।

  • Que: पत्र में किन प्रमुख हिंसक घटनाओं का उल्लेख किया गया है?

    Ans: पत्र में दीपू चंद्र दास की लिंचिंग, उत्सव मंडल की हत्या और अगस्त 2024 से जून 2025 के बीच हुए 2,442 से अधिक हमलों का जिक्र है।

  • Que: नेहरू-लियाकत पैक्ट का जिक्र पत्र में क्यों किया गया है?

    Ans: यह दिखाने के लिए कि 1950 में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा करने वाला यह समझौता विफल रहा और आज भी हिंदू असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

  • Que: चिन्मय कृष्ण दास का मामला क्या है?

    Ans: इस्कॉन के वरिष्ठ संत चिन्मय कृष्ण दास को नवंबर 2024 से मनगढ़ंत आरोपों में जेल में रखा गया है और उन्हें बार-बार जमानत देने से मना किया गया है।

  • Que: अमेरिका में होने वाले विरोध प्रदर्शन का क्या उद्देश्य है?

    Ans: 31 जनवरी को अमेरिका में होने वाले मौन विरोध का उद्देश्य वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना है।

Hindu diaspora letter pm modi bangladesh violence humanitarian corridor

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Published On: Jan 11, 2026 | 01:05 PM

Topics:  

  • Attack On Hindus
  • Bangladesh
  • Narendra Modi
  • World News

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