Bangladesh: हिंदू युवक दीपू दास की हत्या में मस्जिद का इमाम गिरफ्तार, 21 लोग पहुंचे सलाखों के पीछे

Dipu Chandra Das Case: बांग्लादेश में हिंदू गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास की जघन्य हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी इमाम यासीन अराफात को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक 21 लोग पकड़े गए है।
The imam of a mosque has been arrested in connection with the murder of Hindu youth Deepu Das, and 21 people have been taken into custody.
दीपू दास की हत्या में मस्जिद का इमाम गिरफ्तार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Bangladesh Hindu Murder News: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के बीच मयमनसिंह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच ने मुख्य आरोपी मोहम्मद यासीन अराफात को गिरफ्तार कर लिया है। 25 वर्षीय अराफात काशर इलाके की शेखबाड़ी मस्जिद में इमाम के तौर पर कार्यरत था और मदीना तहफिजुल कुरान मदरसे में शिक्षक भी था।

12 दिनों तक मदरसों में छिपता रहा इमाम

पुलिस के अनुसार, हत्या की घटना के बाद से ही यासीन अराफात फरार हो गया था। वह पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वह करीब 12 दिनों तक अलग-अलग मदरसों में शरण लेकर छिपता रहा। अंततः उसे बुधवार दोपहर ढाका के डेमरा थाना क्षेत्र के सरुलिया इलाके से गिरफ्तार किया गया जहां वह 'सुफ्फा' नाम के एक मदरसे में पहचान छिपाकर शिक्षक के रूप में रह रहा था।

भीड़ ने पीट-पीटकर की थी हत्या

यह दिल दहला देने वाली घटना 18 दिसंबर को मयमनसिंह के भालुका इलाके में हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यासीन अराफात ने इस हत्या की साजिश और हमले में सक्रिय भूमिका निभाई थी। आरोप है कि भीड़ ने दीपू चंद्र दास को बेरहमी से पीटा और उसकी मौत के बाद उसके शव को आग के हवाले कर दिया था। शुरुआत में इस हत्या के पीछे 'ईशनिंदा' (Blasphemy) का आरोप लगाया गया था लेकिन जांच में एक अलग ही कहानी सामने आई है।

हत्या के पीछे का क्या था विवाद?

दीपू के पिता और कई चश्मदीदों का दावा है कि उसकी हत्या का असली कारण ईशनिंदा नहीं बल्कि उसकी नौकरी से जुड़ा विवाद था। इस घटना ने न केवल बांग्लादेश बल्कि भारत में भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया था जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं।

अब तक की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारियों ने बताया कि 18 आरोपियों को रिमांड पूरा होने के बाद जेल भेज दिया गया है, जिनमें से 9 आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

तीन अहम गवाहों ने भी अदालत में अपने बयान दर्ज कराए हैं। यह घटना बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की एक कड़ी है; आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 20 दिनों में ही बांग्लादेश में 7 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है।

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