इजरायल हमें आसानी से…, हमास नेता खालिद मशाल की ट्रंप को सीधी चुनौती, कहा- नहीं छोड़ेंगे हथियार
Israel Hamas News: हमास नेता खालिद मशाल ने निरस्त्रीकरण की मांग को ठुकराते हुए इसे 'इजरायल का आसान शिकार' बनने जैसा बताया है। संगठन ने बदले में 10 साल के लंबे युद्धविराम का प्रस्ताव दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
खालिद मशाल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Hamas Israel War News Hindi: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और युद्धविराम की कोशिशों के बीच हमास ने अपनी सैन्य रणनीति को लेकर एक बड़ा और कड़ा रुख अपनाया है। 9 फरवरी 2026 को हमास के विदेशी राजनीतिक नेता खालिद मशाल ने दोहा में अल जजीरा फोरम को संबोधित करते हुए स्पष्ट कर दिया कि संगठन का निरस्त्रीकरण कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा हमास के हथियार डालने की मांगों को सिरे से खारिज कर दिया है।
इजरायल के लिए आसान शिकार नहीं बनेंगे
खालिद मशाल ने अपने संबोधन में तर्क दिया कि जब तक फिलिस्तीनी लोग इजरायली कब्जे के अधीन हैं तब तक हथियार छोड़ना आत्मघाती साबित होगा। उन्होंने कहा कि निरस्त्रीकरण का मतलब फिलिस्तीनियों को इजरायल द्वारा आसानी से नष्ट किए जाने का मौका देना है जो खुद आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय हथियारों से लैस है।
मशाल के अनुसार, ‘प्रतिरोध’ करना राष्ट्रों का मौलिक अधिकार है और जब तक कब्जा बना रहेगा यह प्रतिरोध भी जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि निरस्त्रीकरण के दृष्टिकोण के बजाय पहले ऐसा माहौल बनाना जरूरी है जिसमें गाजा का पुनर्निर्माण और राहत कार्य सुचारू रूप से हो सकें।
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10 साल के युद्धविराम का नया प्रस्ताव
हथियार डालने के बजाय हमास ने एक वैकल्पिक प्रस्ताव पेश किया है। मशाल ने संकेत दिया कि हमास अपने सैन्य विंग को भंग करने के बजाय 5 से 10 साल के लंबे युद्धविराम के लिए तैयार है। उनके अनुसार, यह प्रस्ताव हथियारों के इस्तेमाल न करने की एक प्रभावी गारंटी है। उन्होंने सुझाव दिया कि कतर, तुर्की और मिस्र जैसे मध्यस्थ राष्ट्र, जिनके हमास के साथ गहरे संबंध हैं इस शांति समझौते की गारंटी दे सकते हैं। हमास का मानना है कि इससे अराजकता नहीं फैलेगी जबकि इजरायल फिलिस्तीनी हथियार छीनकर उन्हें मिलिशिया के हाथों में सौंपना चाहता है।
ट्रंप की चेतावनी और धरातल की हकीकत
हमास का यह कड़ा बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने हमास को ‘व्यापक’ निरस्त्रीकरण न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
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दूसरी ओर, युद्धविराम की घोषणा के बावजूद जमीनी हालात बेहद चिंताजनक हैं। इजरायल गाजा में लगभग हर दिन हमले कर रहा है और उसने ‘पीली रेखा’ से पीछे हटने से इनकार कर दिया है जो गाजा के आधे से अधिक हिस्से को इजरायली सैन्य नियंत्रण में रखती है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्धविराम शुरू होने के बाद से इजरायली हमलों में 576 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है जो शांति प्रयासों की विफलता को दर्शाता है।
