खतरे की घंटी! लाहौर से 130 किमी दूर… हाफिज सईद के दरबार में पहुंचा पाक मंत्री, मची खलबली
Pakistan Minister Terror link: पाकिस्तान के मंत्री तलाल चौधरी ने हाफिज सईद की राजनीतिक इकाई PMML का दौरा किया। इस मुलाकात ने आतंकी नेटवर्क को सरकारी समर्थन देने की आशंका बढ़ा दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
हाफिज सईद, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Hafiz Saeed PMML Visit: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और आंतरिक मामलों के राज्य मंत्री तलाल चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है उनका हालिया दौरा पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के दफ्तर का — जो आतंकी हाफिज सईद की राजनीतिक इकाई मानी जाती है। PMML को हाफिज सईद की बैन हो चुकी आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (JuD) का राजनीतिक चेहरा कहा जाता है।
हाफिज सईद वही नाम है जिसने 2008 के मुंबई आतंकी हमले की साजिश रची थी। वह फिलहाल लाहौर की कोट लाखपत जेल में टेरर फंडिंग के मामलों में 2019 से सजा काट रहा है। इसके बावजूद, उसके संगठन से जुड़े लोगों का पाकिस्तान की मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होना सवाल खड़े कर रहा है।
मुलाकात के बाद बहस तेज
तलाल चौधरी फैसलाबाद स्थित PMML हाउस पहुंचे, जो लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर है। वहां उनका स्वागत PMML नेताओं ने बड़े गर्मजोशी से किया। इस मुलाकात के बाद यह बहस तेज हो गई कि क्या पाकिस्तान सरकार सईद के संगठन को राजनीतिक वैधता देने की दिशा में बढ़ रही है?
सम्बंधित ख़बरें
पाकिस्तान पर RSS का बड़ा बयान! दत्तात्रेय होसबले बोले- बातचीत का दरवाजा कभी बंद नहीं होना चाहिए
पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला, भीड़भाड़ वाले बाजार में भीषण बम धमाका, 9 लोगों की दर्दनाक मौत- देखें VIDEO
भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस से करें इन 10 खूबसूरत देशों की सैर, नहीं कटेगा आपका चालान!
होर्मुज की नाकेबंदी पर ईरान ने दी सफाई, भारत को हो रही परेशानी से खुश नहीं तेहरान, कहा- हमें अफसोस है पर…
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि आतंकी नेटवर्क को राजनीतिक छतरी देने का संकेत हो सकता है। इससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर उस वक्त जब वह लगातार FATF की निगरानी से बाहर आने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान के अंदर उठे विरोध के स्वर
कुछ विपक्षी दलों और नागरिक समूहों ने तलाल चौधरी के इस कदम की आलोचना की है। उनका कहना है कि इस तरह की हरकतें पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाती हैं। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार स्पष्ट करे कि क्या यह दौरा सरकारी आदेश पर हुआ या व्यक्तिगत स्तर पर।
यह भी पढ़ें:- ‘जंग होगी…’, इस्तांबुल वार्ता से पहले पाक बड़ा बयान, अफगानिस्तान को दी सैन्य कार्रवाई की धमकी
हाफिज सईद की रैली टली
हाफिज सईद की पार्टी ने 2 नवंबर को लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान में एक बड़ी रैली की घोषणा की थी। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के निर्देश पर यह रैली आखिरी वक्त में रद्द कर दी गई। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नेटवर्क ने बताया कि अमीर-ए-मोहतर्म (हाफिज सईद) के आदेश पर यह रैली फिलहाल टाल दी गई है। नई तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।
