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ईरान के खिलाफ जंग में शामिल होंगे सऊदी-UAE? इजरायली मीडिया का बड़ा दावा, बताया क्या है खाड़ी देशों का प्लान
- Written By: अक्षय साहू
US-Iran War: खाड़ी देशों का रुख ईरान युद्ध में बदल गया है; अब सऊदी, UAE समेत कई देश अमेरिका और इजरायल से ईरान की सैन्य ताकत कमजोर करने के लिए हमले जारी रखने की मांग कर रहे हैं।

ईरान के खिलाफ जंग में शामिल हो सकते हैं सऊदी अरब और यूएई (सोर्स- सोशल मीडिया)
Saudi Arabia UAE to Join US Iran War: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध को लेकर खाड़ी देशों के रुख में महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है। युद्ध शुरू होने से पहले ये देश ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दे चुके थे कि ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू न किया जाए। हालांकि, अब स्थिति बदल चुकी है और कई खाड़ी देश अमेरिका से ईरान पर हमले जारी रखने की अपील कर रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इजरायल ने चार वरिष्ठ खाड़ी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमेरिका और इजरायल द्वारा युद्ध को बढ़ाने के तरीके से कुछ निराशा है, लेकिन इन देशों की इच्छा है कि युद्ध के अंत तक ईरान की सैन्य ताकत इतनी कमजोर हो जाए कि वह उनके लिए कोई खतरा न बन सके। इस रिपोर्ट में विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन और कतर का जिक्र किया गया है।
खाड़ी देशों ने दी थी चेतावनी
युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने अपने पड़ोसी देशों पर लगातार हमले किए, जिसमें आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। यही वजह थी कि खाड़ी देशों ने पहले इस युद्ध का विरोध किया था। ट्रंप प्रशासन ने इन हमलों पर हैरानी जताई, लेकिन खाड़ी देशों ने कहा कि ऐसे जवाब की उम्मीद पहले से थी।
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एक वरिष्ठ खाड़ी राजनयिक ने बताया कि पहले ही यह संदेह था कि सैन्य कार्रवाई से ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों को रोकने में बहुत अधिक असर नहीं पड़ेगा। उनकी आम सहमति थी कि कूटनीतिक समाधान खाड़ी में सुरक्षा बनाए रखने का बेहतर तरीका होगा। लेकिन अमेरिका और इजरायल की सोच इस पर आधारित नहीं थी और उन्होंने युद्ध की राह चुनी।
हथियारबंद ईरान खाड़ी देशों के लिए खतरनाक
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों, इजरायल और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के छह देशों पर भी हमले किए। ईरान को उम्मीद थी कि इससे गल्फ देशों द्वारा ट्रंप पर युद्धविराम के लिए दबाव बनेगा, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ। खाड़ी देशों ने महसूस किया कि हथियारबंद ईरान को क्षेत्र में सक्रिय रहने देना एक बड़ा जोखिम है। एक अधिकारी ने कहा कि युद्ध को समाप्त करना जबकि ईरान के पास हथियार हैं, रणनीतिक रूप से बहुत घातक होगा। हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि खाड़ी देश खुद इस युद्ध में शामिल होंगे या फिर वो बाहर से अमेरिका और इजरायल की मदद करेंगे।
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ओमान ईरान के साथ
हालांकि, सभी खाड़ी देश ईरान के खिलाफ नहीं हैं। उदाहरण के लिए, ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा कि ईरान और अमेरिका दोनों के हित में है कि दुश्मनी जल्द खत्म हो। युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।
Frequently Asked Questions
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Que: खाड़ी देशों का अमेरिका और इजरायल के युद्ध के बारे में क्या रुख है?
Ans: खाड़ी देशों ने पहले युद्ध का विरोध किया, लेकिन अब वे चाहते हैं कि ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो जाए ताकि वह उनके लिए खतरा न बने।
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Que: ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर हमले क्यों किए गए?
Ans: ईरान ने अपने पड़ोसी देशों पर हमले किए ताकि युद्धविराम के लिए दबाव डाला जा सके, लेकिन इससे खाड़ी देशों का रुख और कड़ा हो गया।
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Que: क्या ओमान ईरान के खिलाफ है?
Ans: नहीं, ओमान ने युद्ध के खिलाफ मध्यस्थता की और ईरान और अमेरिका दोनों से दुश्मनी समाप्त करने की अपील की।
Gulf countries react to us israel iran war uae saudi position shifts
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