जर्मनी में नौकरी के नियमों में बड़ा फेरबदल! बीमार होने पर पहले दिन से सर्टिफिकेट जरूरी, बढ़ेगी लोगों की टेंशन
Germany New Labor Tax: जर्मन सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए श्रम और टैक्स कानूनों में कड़े सुधार किए हैं। अब कर्मचारियों को बीमार होने के पहले दिन ही मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा।
- Written By: अमन उपाध्याय
फ्रेडरिक मर्ज, (फोटो सो. Reuters)
Germany New Labor Tax Rule News In Hindi: जर्मनी की सरकार ने देश की डगमगाती अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूती देने और विकास की गति को तेज करने के लिए एक व्यापक सुधार योजना की घोषणा की है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व में सरकार ने एक ’34-सूत्रीय पैकेज’ पेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य श्रम बाजार, टैक्स प्रणाली और पेंशन नियमों में आमूल-चूल परिवर्तन लाना है। इन नए नियमों का सीधा और गहरा असर वहां काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और विभिन्न कंपनियों पर पड़ने वाला है।
बीमारी की छुट्टी के लिए अब कड़े नियम
जर्मनी में अब तक बीमार होने पर छुट्टी लेने की प्रक्रिया में कुछ लचीलापन था, लेकिन सरकार अब इसे काफी सख्त करने जा रही है। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी बीमार होता है और काम पर नहीं आ पाता है, तो उसे छुट्टी के पहले ही दिन से ‘मेडिकल सर्टिफिकेट’ दिखाना अनिवार्य होगा।
अब तक कई मामलों में केवल कॉल या मैसेज के जरिए सूचना देना पर्याप्त माना जाता था, लेकिन अब बिना आधिकारिक मेडिकल सर्टिफिकेट के अवकाश मिलना मुश्किल होगा। सरकार का मानना है कि काम से लंबे समय तक गैरहाजिरी के कारण कंपनियों को होने वाले ‘कॉम्पिटिटिव नुकसान’ से निपटने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
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हायरिंग और कॉन्ट्रैक्ट में होंगे ये बड़े बदलाव
जर्मन सरकार वर्कप्लेस के नियमों को अधिक लचीला और आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इस योजना के तहत कंपनियों को साल 2030 तक नई नियुक्तियों के लिए 4 साल तक के ‘फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट’ देने की गुंजाइश दी जा सकती है।
इसके अलावा, उच्च वेतन पाने वाले पेशेवर लोगों के लिए भी नियमों में विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी उच्च सैलरी वाले कर्मचारी को नौकरी से निकाला जाता है, तो उसे मुआवजे के साथ-साथ भविष्य के लिए अरेंजमेंट की सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है।
अमीरों पर ज्यादा टैक्स
इस व्यापक सुधार पैकेज का एक बड़ा हिस्सा टैक्स प्रणाली और वित्तीय बोझ के पुनर्वितरण से जुड़ा है। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के अनुसार, सरकार ने लगभग 10 बिलियन यूरो के इनकम टैक्स में कटौती का प्रस्ताव रखा है ताकि मध्यम वर्ग के कर्मचारियों और कंपनियों पर बोझ कम किया जा सके।
हालांकि, इस कटौती की भरपाई करने के लिए उन लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जाएगा जिनकी सालाना कमाई 2,50,000 यूरो से अधिक है।
वित्त मंत्री और वाइस चांसलर लार्स क्लिंगबेल ने आगे बताया कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सबसे ज्यादा कमाने वालों पर टैक्स का बड़ा हिस्सा डालना एक सही और तार्किक कदम है।
इसके अतिरिक्त, पेंशन सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए रिटायरमेंट की उम्र को भी 67 साल से अधिक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है।
आर्थिक सुधारों पर राजनीतिक सहमति
चांसलर मर्ज का लक्ष्य इस ’34-सूत्रीय पैकेज’ के मुख्य तत्वों को साल के अंत तक संसद से पारित कराना है। उन्होंने जानकारी दी है कि सत्तारूढ़ गठबंधन इन आर्थिक सुधारों पर पूरी तरह सहमत हो गया है।
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इन सुधारों के माध्यम से सरकार न केवल बिजनेस की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाना चाहती है, बल्कि अपने ‘वेलफेयर स्टेट’ के ढांचे को सुरक्षित रखते हुए कर्मचारियों और नियोक्ताओं के हितों के बीच एक नया संतुलन स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
