मैक्रों की पत्नी औरत या मर्द? US कोर्ट में पेश किए जाएंगे सबूत, जाने कहां सामने आई थी ये बात

French News: फ्रांस की फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों अमेरिकी कोर्ट में महिला होने के वैज्ञानिक और फोटोग्राफिक सबूत पेश करेंगी, ट्रंप समर्थक पत्रकार कैंडेस ओवेन्स के झूठे दावे को चुनौती देने के लिए।
मैक्रों की पत्नी औरत या मर्द? US कोर्ट में पेश किए जाएंगे सबूत, जाने कहां सामने आई थी ये बात
पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ इमैनुएल मैक्रों (फोटो- सोशल मीडिया)
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Brigitte Macron Transgender Controversy: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों अमेरिकी अदालत में अपने महिला होने का सबूत पेश करने वाली हैं। वो अमेरिका में इसे लेकर कैंडेस ओवेन्स के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। ओवेन्स एक प्रसिद्ध पत्रकार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक है। वो लंबे वक्त के दावा करती आ रही है कि ब्रिगिट असल में महिला नहीं, बल्कि पुरुष हैं। 

ब्रिगिट अब इसी आरोप को झूठ साबित करने के लिए अदालत में वैज्ञानिक और फोटोग्राफिक सबूत पेश करेंगी। इसे लेकर उन्होंने कहा, जब परिवार पर हमला होता है, तो यह बेहद तकलीफदेह होता है। हम कोर्ट में एक्सपर्ट गवाही और ठोस प्रमाण पेश करेंगे।  उन्होंने पुष्टि की कि गर्भावस्था और बच्चों के पालन-पोषण से जुड़ी तस्वीरें भी सबूत के तौर पर पेश किए जाएंगे।

कैसे उड़ी पुरुषहोने अफवाह? 

ब्रिगिट को लेकर यह विवाद  सबसे पहले 2021 में  सामने आई थी। तब यूट्यूबर अमंडाइन रॉय ने ए  नताशा रे का लंबा इंटरव्यू साझा किया। रे ने दावा किया कि ब्रिगिट दरअसल जीन-मिशेल ट्रोग्नेक्स नाम के पुरुष थीं, जिन्होंने लिंग परिवर्तन करवाया। यह वीडियो वायरल हुआ और देखते ही देखते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साजिशी थ्योरीज़ फैल गईं।

अमेरिका में यह मामला तेजी से उभरा, जिसमें कैंडेस ओवेन्स और टकर कार्लसन जैसे ट्रंप समर्थक पत्रकारों ने सबसे ज्यादा शोर मचाया। ओवेन्स ने इसे  “मानव इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला” करार दिया और बार-बार कहा कि ब्रिगिट और उनके भाई जीन-मिशेल वास्तव में एक ही व्यक्ति हैं।

फ्रांस से अमेरिका तक कानूनी जंग

ब्रिगिट और इमैनुएल मैक्रों ने 2022 में फ्रांस में नताशा रे और अमंडाइन रॉय के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। 2023 में दोनों को दोषी ठहराया गया और हर्जाना भरने का आदेश दिया गया, हालांकि 2024 में पेरिस की अपील अदालत ने यह फैसला पलट दिया। इसके बाद मैक्रों दंपती ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।

अब जुलाई 2025 में उन्होंने अमेरिका में कैंडेस ओवेन्स के खिलाफ केस दायर किया है। आरोप है कि ओवेन्स ने झूठे दावों को प्रचारित किया और साजिश फैलाने वालों को मंच दिया। अमेरिकी कानून में सार्वजनिक हस्तियों को मानहानि साबित करने के लिए यह दिखाना पड़ता है कि आरोपी ने जानबूझकर झूठ फैलाया या सच्चाई की अनदेखी की। यही चुनौती अब ब्रिगिट मैक्रों के सामने है।

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