फ्रांस की सुपरसोनिक क्रूज मिसाल ASMPA-R इमेज-सोशल मीडिया।
ASMPA-R revealed: रूस से तनाव के बीच फ्रांसीसी नौसेना ने दुनिया को पहली बार परमाणु हमला करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ASMPA-R को दिखाया है। इस परमाणु मिसाइल को फ्रांसीसी नौसेना के नेवल न्यूक्लियर एविएशन फोर्स के राफेल एम फाइटर जेट पर लगाया गया था। फांसीसी नौसेना ने मिसाइल के परीक्षण का अभ्यास किया है। हालांकि, इसके अंदर परमाणु वारहेड को नहीं लगाया गया।
फ्रांसीसी नौसेना ने ऑपरेशन Diomede के तहत इस परमाणु मिसाइल का अभ्यास किया। परीक्षण के दौरान परमाणु हमले का अभ्यास हुआ। 10 नवंबर को फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ASMPA-R मिसाइल को आधिकारिक रूप से नेवल न्यूक्लियर एविएशन फोर्स में शामिल किया गया।
ASMPA-R मिसाइल साल 2023 से ही ऑपरेशनल है, मगर अब तक यह रणनीतिक एयर फोर्स, जो फ्रांसीसी वायु और स्पेस फोर्स का हिस्सा थी। फ्रांस की वायुसेना और नौसेना ही राफेल फाइटर जेट का इस्तेमाल इस मिसाइल को लांच करने के लिए करती हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों ने 2024 में एयरफोर्स के राफेल जेट के इस मिसाइल के साथ उड़ने की तस्वीर जारी की थी। हालांकि, इस मिसाइल की तस्वीर को ब्लर किया गया था। यह तस्वीर पहली बार सामने आई। वॉर जोन की रिपोर्ट के अनुसार फ्रांसीसी नौसेना का एक हिस्सा पहले राफेल एम फ्लीट के साथ परमाणु मिशन के लिए ASMP-Ameliore मिसाइल का इस्तेमाल करता रहा है।
फ्रांसीसी नौसेना के पास इकलौता परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गाले है। यह अमेरिका को छोड़ नाटो का इकलौता युद्धपोत है, जो परमाणु बम लेकर चलता है। वैसे, यह एयरक्राफ्ट कैरियर सामान्य गश्त नहीं करता है। नई ASMPA-R मिसाइल की रेंज पहले की ASMP-A मिसाइल तुलना में अधिक है। ASMPA-R परमाणु मिसाइल की रेंज 600 किलोमीटर है। इस मिसाइल स्पीड मैक 3 तक हो सकती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि सुपरसोनिक स्पीड और लंबी रेंज के कारण अब फ्रांस सफलतापूर्वक दुश्मन के लक्ष्य को तबाह कर सकता है। फ्रांस यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसका राफेल जेट
दुश्मन की रेंज से दूर रहे। फ्रांस ASMPA-R मिसाइल को साल 2010 से बना रहा है। यह उसके परमाणु आधुनिकीकरण और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए है।
यह भी पढ़ें: नौसेना उप प्रमुख का बड़ा खुलासा, भारतीय रडार पर चीन के युद्धपोत, पाकिस्तान का भी किया जिक्र
इसके अलावा फ्रांस ने परमाणु बम से लैस M51.3 सबमरीन लांच मिसाइल को बनाया है, जो अक्टूबर में सेवा में शामिल हो गई। यह फ्रांसीसी नौसेना के ट्रिओफांट क्लास न्यूक्लियर मिसाइल सबमरीन में लगा है। फ्रांस ने यह मिसाइल ऐसे समय पर बनाई है, जब यूरोप के नाटो देशों पर रूस के हमले का खतरा मंडरा रहा। फ्रांस ने यूरोपीय देशों को परमाणु छातरी मुहैया कराने का ऑफर दिया है। पुतिन यूक्रेन के बाद हाइपरसोनिक मिसाइलों से यूरोपीय देशों पर दबाव बढ़ाए हुए हैं।