ईरान का साइबर अटैक! FBI चीफ काश पटेल की ईमेल आईडी हैक, अमेरिकी सुरक्षा महकमे में मची खलबली
Fbi Chief Kash Patel Email Hack: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी और FBI प्रमुख काश पटेल का निजी ईमेल अकाउंट हैक हो गया है। जिसमें ईरान से जुड़े हैकर्स का हाथ होने का दावा किया जा रहा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
FBI प्रमुख काश पटेल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Cyber Attack On FBI Chief Official Email: अमेरिका की शीर्ष जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) के भावी निदेशक काश पटेल की सुरक्षा में एक बड़ी सेंधमारी का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एफबीआई प्रमुख के रूप में नामित काश पटेल को सूचित किया गया है कि उनके डिजिटल कम्युनिकेशन को ईरानी हैकर्स ने निशाना बनाया है। आशंका जताई जा रही है कि हैकर्स ने उनके कम से कम कुछ ईमेल्स या संदेशों तक पहुंच हासिल कर ली है।
‘हंडाला हैक टीम’ ने ली जिम्मेदारी
इस साइबर हमले के पीछे ‘हंडाला हैक टीम’ नामक हैकर ग्रुप का हाथ होने का दावा किया जा रहा है। इस ग्रुप ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि उन्होंने पटेल का इनबॉक्स हैक कर लिया है। अपनी वेबसाइट पर समूह ने लिखा कि काश पटेल का नाम अब उनके सफलतापूर्वक हैक किए गए शिकारों की सूची में शामिल हो गया है। सबूत के तौर पर हैकर्स ने इंटरनेट पर पटेल के कुछ फोटोग्राफ और रिज्यूमे भी जारी कर दिए हैं।
2019 तक के ईमेल्स हुए लीक
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस लीक से जुड़े कुछ दस्तावेजों की जांच की है। इन दस्तावेजों में 2010 से 2019 के बीच के व्यक्तिगत और काम से संबंधित कई ईमेल्स दिखाए गए हैं। यह सुरक्षा उल्लंघन इसलिए भी गंभीर है क्योंकि काश पटेल को ट्रंप प्रशासन में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पद के लिए चुना गया है।
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अमेरिकी न्याय विभाग की पुष्टि
अमेरिकी न्याय विभाग के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि काश पटेल के ईमेल्स के साथ छेड़छाड़ हुई है, हालांकि उन्होंने इस मामले पर फिलहाल विस्तार से जानकारी साझा नहीं की है। दूसरी ओर, एफबीआई और संबंधित हैकर ग्रुप ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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तनाव के बीच साइबर हमला
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी हैकर्स पर चुनावी अभियान या शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इस हैकिंग कांड ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के भीतर खलबली मचा दी है।
