ईरानी सुसाइड ड्रोन्स की अब खैर नहीं! जेलेंस्की ने प्रिंस सलमान को दिया 'अचूक इलाज', सऊदी के साथ बड़ी रक्षा डील

Zelenskyy Saudi Arabia Visit: यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सऊदी अरब का दौरा किया और ईरानी शाहेद ड्रोन्स का मुकाबला करने के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया है।
No Escape for Iranian Suicide Drones Now! Zelenskyy Offers Prince Salman an 'Infallible Cure'—Major Defense Deal with Saudi Arabia
वोलोदिमीर जेलेंस्की और मोहम्मद बिन सलमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Ukraine Saudi Arabia Defence Deal: पश्चिम एशिया में जारी भीषण जंग के बीच यूक्रेन एक नए और शक्तिशाली रणनीतिक खिलाड़ी के रूप में उभरा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सऊदी अरब का दौरा कर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के साथ एक ऐतिहासिक रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस डील का मुख्य उद्देश्य ईरान द्वारा निर्मित 'शाहेद' सुसाइड ड्रोन्स के बढ़ते खतरे से सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों की रक्षा करना है।

शाहेद ड्रोन्स का 'सस्ता और सटीक' इलाज

ईरान के ये सुसाइड ड्रोन्स मिडिल ईस्ट की लड़ाई में तेहरान के सबसे प्रभावी हथियार बन गए हैं, जिनकी निर्माण लागत महज 20,000 से 50,000 डॉलर के बीच होती है। अब तक खाड़ी देश इन्हें मार गिराने के लिए महंगे अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे थे जिसकी एक मिसाइल की कीमत करीब 4 मिलियन डॉलर तक आती है। जेलेंस्की ने इन ड्रोन्स का किफायती 'इलाज' पेश करते हुए अपने सस्ते ड्रोन इंटरसेप्टर, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरण और विमान-रोधी तोपों के मिश्रण को एक प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम के रूप में पेश किया है।

खाड़ी में यूक्रेन के 200 एंटी-ड्रोन एक्सपर्ट तैनात

जेलेंस्की ने खुलासा किया है कि सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत और जॉर्डन जैसे पांच देशों में 200 से अधिक यूक्रेनी एंटी-ड्रोन विशेषज्ञ पहले से ही तैनात हैं। इन विशेषज्ञों के पास पिछले चार वर्षों से रूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ईरानी ड्रोन्स का मुकाबला करने का बेमिसाल अनुभव है। यूक्रेन का दावा है कि उनकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने हाल के रूसी हमलों के दौरान ड्रोन्स को रोकने में 97% की प्रभावशाली सफलता दर हासिल की है।

एडवांस एयर डिफेंस मिसाइलें

इस रक्षा सहयोग के बदले में यूक्रेन खाड़ी देशों से उन उन्नत एयर डिफेंस मिसाइलों की मांग कर रहा है जिनकी उसे रूसी आक्रमण को रोकने के लिए अपने देश में सख्त जरूरत है। जेलेंस्की ने 'X' पर एक बयान में कहा कि यूक्रेन अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए तैयार है क्योंकि वह पिछले पांच साल से उन्हीं आतंकवादी हमलों का सामना कर रहा है जिन्हें ईरानी शासन अभी खाड़ी क्षेत्र में अंजाम दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब के पास ऐसी क्षमताएं हैं जिनमें यूक्रेन की गहरी दिलचस्पी है।

क्या है इसका महत्व?

खाड़ी क्षेत्र में कीव द्वारा किया गया यह अपनी तरह का पहला रक्षा समझौता है। यह न केवल एक विश्वसनीय रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को मजबूत करता है बल्कि ईरान-रूस सैन्य गठजोड़ के खिलाफ एक नया मोर्चा भी खोलता है। जेलेंस्की ने प्रिंस सलमान के साथ पूरे मध्य पूर्व की स्थिति ईंधन बाजारों में बदलाव और ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग पर भी चर्चा की है।

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