

Donald Trump US Iran War: डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका-ईरान युद्ध के तनाव के बीच एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अब इस लंबे संघर्ष से खुद को बाहर निकालना चाहते हैं। वे दुनिया के सामने अपनी एकतरफा जीत का दावा करके इस युद्ध को यहीं पर रोकना चाहते हैं। इस फैसले का अमेरिका और मध्य पूर्व की राजनीति पर बहुत गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिका के बड़े अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस पर ईरान का अगला कदम क्या होगा। अगर डोनाल्ड ट्रंप अचानक युद्ध रोकने की घोषणा करते हैं, तो इसके अत्यंत गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। इसलिए अमेरिकी खुफिया एजेंसियां हर संभावित स्थिति और भविष्य के खतरे का बहुत बारीकी से हिसाब लगा रही हैं। यह सारी कवायद इसलिए हो रही है ताकि अमेरिका आगे का हर एक कदम पूरी तरह से सोच-समझकर उठा सके।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की कई खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से स्टडी कर रही हैं। यह महत्वपूर्ण काम सरकार के बड़े और वरिष्ठ अधिकारियों के सीधे कहने और उनके निर्देश पर किया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद यह समझना है कि युद्ध से अचानक पीछे हटने पर देश में क्या नए राजनीतिक असर होंगे।
डोनाल्ड ट्रंप सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों और अहम सलाहकारों को इस युद्ध से अब डर लगने लगा है। उन्हें चिंता है कि यह युद्ध इस साल होने वाले मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाएगा। संभावित राजनीतिक संकट से बचने के लिए जल्द से जल्द तनाव कम करना राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बहुत जरूरी हो गया है।
अभी तक युद्ध पूरी तरह खत्म करने या आगे बढ़ाने को लेकर सरकार में कोई भी अंतिम और पक्का फैसला नहीं हुआ है। ट्रंप अगर चाहें तो वह अपनी अपार सैन्य ताकत का इस्तेमाल करके सैन्य कार्रवाई को एक बार फिर से तेज कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करने से उनके ऊपर आगामी चुनावों के दौरान राजनीतिक दबाव और भी ज्यादा बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
अगर अमेरिका जल्दी तनाव कम करता है तो क्षेत्र में इससे ईरान की स्थिति पहले से और भी ज्यादा मजबूत हो सकती है। ईरान अपने खतरनाक परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को फिर से तेजी के साथ विकसित करने का काम शुरू कर सकता है। इससे मध्य पूर्व के क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सभी वफादार सहयोगियों को भविष्य में बहुत बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
फरवरी में हुई शुरुआती बमबारी के बाद जांच में खुफिया एजेंसियों ने अपने आकलन में एक बहुत बड़ा दावा किया था। अगर ट्रंप सेना कम करते हैं, तो ईरान इसे निश्चित रूप से अमेरिका की हार और खुद की बहुत बड़ी जीत मान सकता है। ट्रंप के पास एक सुरक्षित विकल्प यह भी है कि वे अपनी जीत का ऐलान करें लेकिन भारी सेना वहीं पर बनाए रखें।
अगर अमेरिकी सैनिक भारी संख्या में क्षेत्र में बने रहते हैं, तो ईरान पर इसका असर बिल्कुल अलग हो सकता है। ऐसे हालात में ईरान इसे अमेरिका की तरफ से शुरू की गई बातचीत की कोई नई कूटनीतिक रणनीति समझ सकता है। लेकिन इस तरीके से भी यह जरूरी नहीं है कि दोनों देशों के बीच चल रहा यह युद्ध पूरी तरह से खत्म हो ही जाए।