‘मैंने कभी…’, जिनपिंग की ताकत पर कब्जा करना चाहते हैं ट्रंप, मंत्रियों की बैठक में किया खुलासा
China US Trade: बुसान में हुई ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार दिखा। ट्रंप ने जिनपिंग की सख्ती की तारीफ की और कहा कि चीन-अमेरिका व्यापार तनाव तेजी से कम हुआ।
- Written By: अक्षय साहू
शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump-Jinping Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के शहर बुसान में मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत देखने को मिले हैं। इस बीच, ट्रंप ने रिपब्लिकन सीनेटरों के साथ हुई एक बैठक में जिनपिंग से मुलाकात का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।
ट्रंप ने बताया कि मीटिंग के दौरान जिनपिंग के साथ मौजूद सभी अधिकारी काफी डरे हुए नजर आ रहे थे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, मैं भी अपनी टीम में ऐसे लोग चाहता हूं। ट्रंप ने कहा, दो महीने पहले ऐसा लग रहा था कि पूरी दुनिया रेयर अर्थ को लेकर परेशान है, लेकिन अब यह कोई मुद्दा नहीं रहा। यह मामला बहुत जल्दी सुलझ गया और यह टैरिफ लगाए बिना संभव नहीं था।
जिनपिंग सख्त और चालाक नेता: ट्रंप
ट्रंप ने शी जिनपिंग की तारीफ करते हुए कहा, राष्ट्रपति शी जिनपिंग बेहद सख्त और चालाक नेता हैं। मीटिंग में चीन की ओर से शामिल अधिकारी बेहद सतर्क और गंभीर थे। मैंने इतने डरे हुए लोग पहले कभी नहीं देखे। मुझे भी अपनी टीम में ऐसे अनुशासित लोग चाहिए।
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मुलाकात के बाद चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार देखने को मिला है। चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर से टैरिफ हटाया और सोयाबीन की खरीद फिर से शुरू की है, जबकि अमेरिका ने भी कुछ शुल्कों में कमी करने का निर्णय लिया है।
इसी बीच ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस महीने के अंत में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने मियामी में आयोजित ‘अमेरिका बिजनेस फोरम’ में कहा, मैं दक्षिण अफ्रीका में जी-20 बैठक में नहीं जा रहा हूं। वास्तव में, दक्षिण अफ्रीका को जी-20 का हिस्सा नहीं होना चाहिए, क्योंकि वहां जो हुआ है वह बहुत बुरा है। मैंने पहले ही बता दिया है कि मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व वहां नहीं करूंगा।
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टैरिफ को लेकर तनाव
अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर तनाव व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक प्रभुत्व की लड़ाई से जुड़ा है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के उत्पादों पर शुल्क बढ़ाए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है। यह विवाद तकनीकी नियंत्रण, बाजार पहुँच और राजनीतिक प्रभाव का भी प्रतीक है। हालांकि ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात के बाद इसमें थोड़ी कमी दर्ज की गई है।
